
कलेक्टोरेट परिसर स्थित मंदिर पर अपनी ६ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से धरने पर बैठे किसान मित्र और किसान दीदी संघ के सदस्यगण।
नीमच. 'अच्छे दिन' आने के इंतजार में पिछले ४ सालों से किसान मित्र और किसान दीदी इंतजार कर रहे हैं। अब तक इनके अच्छे दिन नहीं आए। केंद्र सरकार की जिस योजना के तहत जिले में नियुक्ति दी गई थी इसके तहत प्रतिदिन मात्र १६.६४ रुपए का मेहनताना दिया जा रहा है।
६ हजार साल की मिलती है प्रोत्साहन राशि
पिछले करीब १२ साल से केंद्र सरकार की आत्मा योजना के तहत जिले में ३४८ किसान मित्र और किसान दीदी कार्यरत् हैं। चौकाने वाली बात यह है कि इन्हें ६ हजार रुपए वार्षिक के मान से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जबकि जहां भी भीड़ जुटानी हो या शासन की योजना के तहत कार्य करना हो वहां किसान मित्र और किसान दीदी को जोत दिया जाता है। किसान मित्र/किसान दीदी संघ के जिलाध्यक्ष हितरलाल डांगी ने बताया कि वर्ष २००८ में आत्मा योजना के तहत किसान मित्र और किसान दीदी की नियुक्ति की गई थी। शासन की कृषि संबंधी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य इनका था। लेकिन इस कार्य के अतिरिक्त भी कई कार्य हमसे कराए जा रहे हैं। हमें ६००० रुपए प्रतिवर्ष या यूं कहें ५०० रुपए महीना या १६.६४ रुपए प्रतिदिन के मान से राशि मिलती है। यह राशि अकुशल श्रमिक की गणना से भी कम है। हम अपनी ६ सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। हमारी प्रमुख मांग है कि कृषि विभाग में पदस्थ संविदा स्टॉफ को नियमित किया जाए। साथ ही समकक्ष पदों पर संविलियन किया जाए। किसान मित्र/किसान दीदी को सम्मानजनक मानेदय १० हजार रुपए दिया जाए। सभी को वैध परिचय पत्र दिए जाएं। पिछले १० से १२ सालों से किसान मित्र और किसान दीदी कार्य कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें अन्य रोजगार तलाशने में कठिनाई होगी, ऐसे में सभी को नियमित करने सहित अन्य मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। सोमवार को अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा।
Published on:
12 Jun 2018 02:07 pm
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