7 नवंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इस बैंक का तो एटीएम भी नहीं, कैसे निकलेगा खाते में जमा पैसा

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने से किसान परेशान
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

शाजापुर

•

image

Gopal Swaroop Bajpai

•

Updated: 11 Jun 2018, 10:42 PM IST

patrika

इस बैंक का तो एटीएम भी नहीं, कैसे निकलेगा खाते में जमा पैसा

शाजापुर.
एक दिन पहले ही जिले के प्रभारी मंत्री ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत जिले के 23 हजार 697 किसानों के खातों में कुल 33.54 करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर की। रविवार को अवकाश के बाद जब सोमवार को किसान जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राशि निकालने पहुंचे तो यहां पता लगा कि बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर है और बैंक बंद है। ऐसे में बैंक के बाहर काफी देर तक इंतजार करने के बाद किसानों को बेरंग वापस लौटना पड़ा। किसानों को तो यह भी नहीं पता है कि वे कब तक अपने खाते राशि निकाल पाएंगे।

गौरतलब है कि मप्र को-ऑपरेटिव बैंक एम्लाइज फेडरेशन के आह्वान पर सातवें वेतनमान लागू किए जाने एवं छठे वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने के लिए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. शाजापुर और आगर-मालवा के समस्त कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। इस संबंध में बैंक के सीईओ को यूनियन के पदाधिकारियों ने समस्त कर्मचारियों का हस्ताक्षरयुक्त सूचना-पत्र पूर्व में ही सौंप दिया था। इसके बाद सोमवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखाओं में हड़ताल के कारण ताले डले रहे। जिससे यहां पर खातों से राशि निकालने पहुंचे किसानों को निराशा हाथ लगी। शहर में सोमवारिया बाजार सहित टंकी चौराहा स्थित जिला सहाकारी केंद्रीय बैंक की शाखा के बाहर सुबह से बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। किसानों ने बताया कि उन्हें हड़ताल की सूचना पहले नहीं दी गई। इसके चलते उन्हें खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस बैंक से कैसे निकाले खाते से राशि
सुबह सोमवारिया बाजार स्थित जिला सहकारी बैंक की शाखा में राशि निकालने के लिए पहुंचे किसानों को जब बैंक बंद दिखाई दी उन्हें परेशानी होने लगी। यहां पहुंचे किसान राधेश्याम, रमेशचंद्र, बद्रीलाल, अनोखीलाल, शिवनारायण, पूनाबा आदि ने बताया कि उन्हें बैंक की हड़ताल होने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई है। उन्हें रुपए की जरूरत थी इसलिए वो बैंक में अपने खाते से रुपए निकालने आए थे। किसानों ने बताया कि इस बैंक का तो कोई एटीएम भी नहीं है। जिसके कारण वो अपने खातों से राशि किसी भी स्थिति में नहीं निकाल सकते है। किसानों ने बैंक हड़ताल के दौरान राशि आहरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की भी मांग की। काफी देर तक इंतजार करने के बाद किसान यहां से रवाना हो गए। इसके बाद भी दिनभर बैंक तक किसानों के आने-जाने का क्रम चलता रहा, लेकिन बैंक के बंद होने के कारण उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा।

अटक जाएंगे कई काम
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियो की अनिश्चिकालीन हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा परेशानी किसानों को होगी। क्योंकि अधिकांश किसानों के खाते इसी बैंक की शाखाओं में है। जिससे किसान लेन-देन करते है। यदि जल्द ही बैंक हड़ताल की समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो किसानों की परेशानी बढऩे के कारण स्थिति भी बिगड़ सकती है।

मुख्यालय पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कर्मचारियों ने सोमवार को टंकी चौराहा स्थित बैंक के मुख्य कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने यहां पर अपनी मांगों को दोहराते हुए नारेबाजी भी की। इस दौरान जिलेभर की जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की शाखाओं के कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।

20 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने से पहले ही दिन जिले भर में करीब 20 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक कर्मचारी संघ जिला शाजापुर/आगर-मालवा के महामंत्री प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि अनिश्चितकालीन हड़ताल में शाजापुर-आगर जिले की मिलाकर कुल 24 शाखाओं के 238 कर्मचारी हड़ताल पर रहे।