
नई दिल्लीः कर्नाटक में शनिवार का दिन बहुत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। कल ही यह पता चल जाएगा कि कर्नाटक में बीजेपी की सरकार बरकरार रहेगी या फिर जेडीएस-कांग्रेस मिलकर येदियुरप्पा को सत्ता से बेदखल कर देंगे। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल बहुमत का दावा ठोक रहे हैं। सभी के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बीजेपी अपनी सरकार बचा पाएगी। तो चलिए आपको बताते है कि कर्नाटक की सियासत में ऐसे कौन लोग हैं जो गेम चेंजर साबित हो सकते है।
बी. श्रीरामुलु
46 साल के बी. श्रीरामुलु कर्नाटक बीजेपी का जाना-पहचाना दलित चेहरा है। वाल्मीकि समुदाय से आने वाले श्रीरामुलु को जनार्दन रेड्डी का करीबी माना जाता है। श्रीरामुलु को बीजेपी जोड़-तोड़ की राजनीति के लिए इस्तेमाल कर सकती है। ऐसा माना जाता है कि ये विपक्षी दलों के विधायकों को बीजेपी के पाले में ला सकते हैं। ऐसा कहा जाता है कि साल 2008 में जब बीजेपी सरकार बनाने के लिए कुछ विधायकों की दरकार थी तो बी. श्रीरामुलु ही पार्टी के लिए अन्य विधायकों का जुगाड़ किया था।
गली जर्नादन रेड्डी
बीजेपी के लिए गली जर्नादन रेड्डी सबसे महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि जर्नादन रेड्डी के संपर्क में कांग्रेस और जेडीएस के कुछ विधायक हैं। जोड़-तोड़ की राजनीति में रेड्डी बंधु ही बीजेपी के लिए तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं। हैराबाद-कर्नाटक क्षेत्र में रेड्डी बंधुओं का बोलबाला रहा है। ऐसे में बीजेपी इन नेताओं के बहुमत परीक्षण की अग्नि परीक्षा पास कर सकती है। बताया जाता है कि श्रीरामुलु और रेड्डी बंधुओं ने ही अपने प्रभाव वाले इलाकों में बीजेपी को मजबूत करने का काम किया है।
आर. अशोक
आर. अशोक कर्नाटक में बीजेपी के दिग्गज नेता हैं। इससे पहले बीजेपी की सरकार में आर. अशोक डिप्टी सीएम रह चुके हैं। मीडिया रिपोर्ट के अऩुसार वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले अशोक ही वो शख्स हैं जो विपक्षी दलों के वोक्कालिगा विधायकों को बीजेपी के पाले में ला सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि आर. अशोक जरुरत पड़ने पर पार्टी के लिए अहम साबित हुए हैं। ऐसे में बीजेपी इनके भरोसे उम्मीद लगाए बैठी होगी कि वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले विपक्षी विधायक उसका सहयोग करेंगे।
डी.के.शिवकुमार
डी.के.शिवकुमार ही कर्नाटक में कांग्रेस के सबसे बड़े भरोसेमंद नेता माने जा रहे हैं। जोड़-तोड़ की राजनीति से इतर ये कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को एकजुट करने में लगे हुए हैं। संकट के समय शिवकुमार इससे पहले भी कांग्रेस की नैय्या के खेवनहार बन चुके हैं। ऐसा माना जाता है कि शिवकुमार अपने प्रभाव से बीजेपी के कुछ विधायकों को कांग्रेस के पाले में ला सकते हैं।