
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को मोदी सरकार का अंतरिम बजट पेश किया। बजट पेश करने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एनडीए के पहले कार्यकाल का अंतिम बजट पेश हुआ। 'हम समझते हैं कि देश के हर वर्ग व हर व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे'। प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि देश की अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचना चाहिए। ये अंतरिम बजट की सबसे बड़ी विशेषता किसानों के लिए नए प्रावधान और असंठित क्षेत्र के लिए नई घोषणाएं हैं । किसानों के लिए इतनी बड़ी घोषणाएं आज से पहले कभी नहीं हुई। लगभग 12 हजार करोड़ किसानों तक लाभ पहुंचाना एक साधारण बात नहीं है।
केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने कहा कि बड़-बड़े खानदान के लोग एसी रूम में बैठे लोग किसानों का दर्द नहीं समझ पाते। पीएम नरेंद्र मोदी ने वास्तव में जमीन से सीखा है कि किस प्रकार की कठिनाइयां और परेशानी छोटे और सीमांत किसानों के सामने आती है। यही कारण है कि सरकार ने 6000 रुपए प्रति वर्ष उन किसानों को देना सुनिश्चित किया है, जिनके पास दो एकड़ से कम जमीन हैं। यह रकम किसान की तीन फसलों के उत्पादन में सहायक के रूप में दी जाएगी। यह योजना सरकार ने इस साल से ही शुरू कर दी है। इसके लिए सभी राज्यों से तत्काल सूचिंया मंगाई जाएंगी। किसानों को हर चार माह में दो हजार रुपए दिए जाएंगे। अगर आज पिछली सरकारों का आंकड़ा देखते हैं तो सामने आता है कि उन्होंने किसानों के साथ केवल खोखली हमदर्दी जताई। सरकार ने आगामी भविष्य के लिए 75 हजार करोड़ रुपए किसानों के लिए रखे हैं। असंठित क्षेत्र में काम कर रहे मजदूरों के लिए भी सरकार ने बजट में बड़े प्रावधान किए हैं।
असंठित क्षेत्र में काम करने वाले 42 करोड़ लोगों के लिए नई योजनाओं का प्रावधान बजट में किया है।