राजनीति

अफगानी शरणार्थियों से मुलाकात के बाद बोले जेपी नड्डा, लागू किया जाएगा CAA-NRC

भाजपा मुख्यालय में कार्यकारी अध्यक्ष ने की मुलाकात। शरणार्थियों ने जताया पीएम-गृह मंत्री का आभार। नड्डा ने विरोध-प्रदर्शन के लिए विपक्ष को ठहराया जिम्मेदार।

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली समेत देशभर के तमाम स्थानों पर जारी विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने बड़ी घोषणा की है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में अफगानिस्तान के सिख शरणार्थियों से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) लागू किया जाएगा।

इस संबंध में नड्डा ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए लिखा, "भाजपा मुख्यालय में अफगानिस्तान से आए शरणार्थियों से मिला। इन शरणार्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह को इस ऐतिहासिक फैसले पर धन्यवाद दिया। भारत की नागरिकता प्राप्त कर ये सभी भारत के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे।"

उन्होंने अपने अगले ट्वीट में लिखा, "अफगानिस्तान से बेदखल हुए सिख भाई जो अपने धर्म की रक्षा करते हुए भारत आए थे उन्होंने पार्टी कार्यालय में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देते हुए मुझे ज्ञापन सौंपा। मैं नागरिकता की औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा करने के लिए आश्वस्त करता हूं।"

नड्डा ने आगे लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी इच्छा शक्ति, दृष्टि और दिशा जिसके सूत्रधार बने गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक को पारित किया। जिसके कारण बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता संभव हुई है।"

वहीं, मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस अफगानिस्तान के शरणार्थियों से मुलाकात के बाद नड्डा ने घोषणा की कि भारत पीएम मोदी के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है और ऐसे ही बढ़ना जारी रखेगा। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू किया जाएगा, इसी तरह भविष्य में एनआरसी भी लागू किया जाएगा।

इस दौरान नड्डा ने विपक्ष पर इस नए कानून के खिलाफ प्रदर्शन करवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष भारत में रह रहे पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों की दुर्दशा को दरकिनार करके केवल वोट बैंक की राजनीति में लगा हुआ है।

नड्डा ने कहा कि नागरिकता कानून का विरोध कर रहे लोगों को इनसे मिलना चाहिए। ये लोग भारत में 28-30 वर्षों से रह रहे हैं, लेकिन ना तो अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में करवा सकते हैं और ना ही कोई मकान खरीद सकते हैं, क्योंकि उनके पास नागरिकता नहीं है। विपक्ष वोट बैंक की राजनीति के आगे कुछ नहीं देख सकता।

Updated on:
19 Dec 2019 05:29 pm
Published on:
19 Dec 2019 05:26 pm
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