राजनीति

विपक्ष की लामबंदी तेज, CM चंद्रबाबू नायडू ने 22 नवंबर को बुलाई भाजपा विरोधी मोर्चे पर अहम बैठक

CM चंद्रबाबू नायडू ने 22 नवंबर को विपक्ष की अहम बैठक बुलाई है।
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Updated: 11 Nov 2018, 9:15 AM IST
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विपक्ष की लामबंदी तेज, CM चंद्रबाबू नायडू ने 22 नवंबर को बुलाई भाजपा विरोधी मोर्चे पर अहम बैठक

हैदराबाद। आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनैतिक दल अपने-अपने दांव पेंच खेलने में लगे हुए हैं। वहीं विपक्ष भी मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चे की कवायद को लेकर लामबंदी तेज होती जा रही है। महागठबंधन बनाने को लेकर तेलुगू देशम पार्टी के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का विपक्षी नेताओं से मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को चंद्र बाबू नायडू और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत के बीच मुलाकात हुई। अब 22 नवंबर को गैर भाजपा दलों की बैठक होगी। कहा जा रहा है कि इस बैठक में बड़ा फैसला लिया जा सकता है। यह बैठक भाजपा विरोधी मोर्चे को लेकर अहम मानी जा रही है। इस बैठक में विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की घोषणा कर सकते हैं।

महागठबंधन मजबूत करने की कोशिश

भाजपा के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के लिए चंद्रबाबू नायडू लगातार नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। शनिवार को अशोक गहलोत से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैं सभी विपक्षी दलों से अपील करता हूं कि वह भाजपा के खिलाफ हमारे साथ जुड़े। हम भाजपा विरोधी दल एक साझा मंच बनाना चाहते हैं। चंद्रबाबू नायडू ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि योजना बनाने के मकसद से दिल्ली में 22 नवंबर को बैठक होगी। बता दें कि इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को चेन्नई में डीएमके चीफ एमके स्टालिन से उनके घर जाकर मुलाकात की थी। नायडू ने कहा कि वह भाजपा विरोधी मोर्चे का चेहरा नहीं हैं। साथ ही उस समय उन्होंने कहा कि वह स्टालिन से देश को बचाने के लिए उनका साथ देने का आग्रह करने आए थे क्योंकि लोकतंत्र और देश खतरे में है और हम सबको भाजपा के खिलाफ एकजुट होना होगा।

1996 मॉडल बनाने के दिए संकेत

इससे पहले गुरुवार को नायडू ने पूर्व प्रधानमंत्री व जद-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेगौड़ा व कर्नाटक राज्य के अपने समकक्ष एच डी कुमारस्वामी से मुलाकात की। नायडू और जनता दल-एस नेताओं के बीच महागठबंधन के मसले पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद उन्होंने संकेत दिए कि केंद्र मेंं सरकार गठन के लिए प्रस्तावित महागठबंधन 1996 का मॉडल अपना सकता है। तब गैर कांग्रेस व गैर भाजपा दलों के गठबंधन-संयुक्त मोर्चा ने एच डी देवेगौड़ा के नेतृत्व में सरकार बनाई थी और कांग्रेस ने उसे बाहर से समर्थन दिया था।

Updated on:
11 Nov 2018, 9:15 AM IST
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