बिहार में जेडीयू के खिलाफ 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी एलजेपी। अपने खत में नड्डा को ऐंटी-नीतीश लहर को लेकर किया आगाह। चिराग का दावा - बीजेपी में कई मंत्री और विधायक भी नीतीश से नाराज।
नई दिल्ली। बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति चरम पर है। इस बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ( Ram Vilas Paswan ) के आकस्मिक निधन से एक बार फिर एलजेपी नेता चिराग पासवान ( Chirag Paswan ) की ओर से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ( JP Nadda ) को लिखी चिट्ठी चर्चा में है। चिराग पासवान ने 15 दिन पहले यानि 24 सितंबर को चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में एलजेपी नेता ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार पर राम विलास पासवान का अपमान करने का आरोप है।
जेपी नड्डा को लिखी चिट्ठी में चिराग पासवान ने नीतीश कुमार पर एक राज्यसभा सीट के लिए अपने पिता राम विलास पासवान के अपमान का आरोप लगाया था। जबकि अमित शाह समेत एनडीए के शीर्ष नेतृत्व ने सार्वजनिक तौर पर लोकसभा चुनाव के दौरान भरोसा दिया था।
नीतीश ने उम्मीदवारी का किया था विरोध
24 सितंबर को चिराग ने अपने पिता के अपमान का मुद्दा उठाते हुए दावा किया था कि पिछले साल नीतीश कुमार ने उनकी पिता की राज्यसभा उम्मीदवारी का समर्थन करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद उनके पिता को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें मनाना पड़ा। चिराग ने कहा कि जिस तरीके से बिहार के सीएम ने एलजेपी के संस्थापक का अपमान किया उससे पार्टी के नेता आहत और नाराज थे।
सीएम सूचना न होने की करते रहे बात
नीतीश का विरोध कर रहे एलजेपी के युवा नेता ने अपने खत में दावा किया है कि बिहार के मुख्यमंत्री ऐसा जताते रहे कि एलजेपी के संस्थापक बीमार हैं। इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं हैं। जबकि उस वक्त पीएम मोदी उनके पिता का हालचाल लेने के लिए अक्सर फोन करते थे। बता दें कि गुरुवार को बिहार के कद्दावर नेता राम विलास पासवान का निधन हो गया।
एंटी इनकमबेंसी का खतरा
चिराग पासवान ने अपने खत में यह दावा किया है कि बीजेपी के भी कई नेता भी नीतीश कुमार के कामकाज से नाखुश हैं। वहीं एक तरफ जहां मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही है, वहीं सीएम नीतीश कुमार की लोकप्रियता में गिरावट आई है। चिराग के खत में इस बात का भी जिक्र है कि मेरी तरफ से उठाया गया कोई भी कदम बीजेपी के हितों के खिलाफ नहीं होगा।