
नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार पर से सियासी संकट टलने का नाम नहीं ले रहा है। यह संकट अब पहले से ज्यादा गहरा गया है। कांग्रेस की ओर से सख्त कदम उठाने के बाजवूद असंतुष्ट विधायकों की सरकार विरोधी गतिविधियां थमते न देख सीएम एचडी कुमारस्वामी ने कांग्रेस विधायक उमेश जाधव को वेयरहाउस कारपोरेशन के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। अब इस कारपोरेशन के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी प्रताप गौड़ा पाटिल को दिया गया है। बताया जा रहा है कि जाधव को हटाने को लेकर उन्होंने कांग्रेस से सहमति ले ली थी। बता दें कि अब कांग्रेस भी पार्टी के नाराज विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
10 विधायक सदन में रहे अनुपस्थिति
दरअसल, कर्नाटक में कांग्रेस के चार बागी और कुछ असंतुष्ट विधायकों की वजह से बजट सत्र के दौरान यानी अप्रैल-मई में होने वाले आम चुनाव से पहले एचडी कुमारस्वामी सरकार को गिराने की मुहिम में जुटे हैं। पार्टी के व्हिप की अवमानना करते हुए कथित रूप से कांग्रेस के 10 विधायक बुधवार को 10 दिवसीय बजट सत्र के पहले दिन सदन में मौजूद नहीं थे। बागी विधायक रमेश झारकिहोली, महेश कुमातल्ली, उमेश जाधव और बी. नागेंद्र संपर्करहित बने हुए हैं।
अयोग्य घोषित करने की चेतावनी
दूसरी तरफ कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता सिद्धारमैया ने गुरुवार को चेतावनी दी है कि अगर शुक्रवार सुबह तक ये नेता सीएलपी की बैठक में शामिल नहीं होते हैं तो उन्हें दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित किया जा सकता है।