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उत्तर प्रदेशः सपा के पीडीए के जवाब में भाजपा का एपीडी फार्मूला

भारतीय जनता पार्टी ने अगले साल फरवरी के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नए प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। सूची में भाजपा का 'माइक्रो-कास्ट मैनेजमेंट' और एपीडी के साथ अति पिछड़ों और महादलितों को आगे लाने के फॉर्मूले पर काम किया है
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UP BJP NEW TEAM

UP BJP NEW TEAM : यूपी भाजपा ने घोषित की नई टीम, PC- Patrika

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने अगले साल फरवरी के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश के सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नए प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। सूची में भाजपा का 'माइक्रो-कास्ट मैनेजमेंट' और एपीडी के साथ अति पिछड़ों और महादलितों को आगे लाने के फॉर्मूले पर काम किया है। इसके जरिए पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए बिसात भी बिछा दी है। पार्टी ने समाजवादी पार्टी के पिछड़ा दलित और अल्पसंख्यक के पीडीए फार्मूले की काट पर अगड़ा, पिछड़ा और दलित यानी एपीडी का फार्मूला इस संगठनात्मक फेरबदल में अपनाया है। सूची में जहां केन्द्र का दखल है वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबियों को भी तरजीह मिली है। दिसंबर में अध्यक्ष बने पंकज चौधरी की छह माह बाद घोषित इस टीम में 19 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री और 19 मंत्री शामिल हैं। 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष, 6 मोर्चा अध्यक्ष, कार्यालय मंत्री और मीडिया टीम सहित कुल 64 नाम घोषित किए हैं।

हर क्षेत्र के लिए अलग रणनीति

उत्तर प्रदेश की संगठन व्यवस्था में क्षेत्र अध्यक्ष का बहुत महत्व है और छह क्षेत्राध्यक्षों में से 4 ओबीसी वर्ग से हैं। पीडीए की काट के लिए यह महत्वपूर्ण है। पार्टी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल के लिए अलग-अलग रणनीति बनाई है। खास तौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर ध्यान केन्द्रीत किया है। गुर्जर समाज से आने वाले नबाव सिंह नागर को क्षेत्राध्यक्ष बनाया गया है। जाट मतदाताओं को साधने के लिए आरएलडी की भूमिका को भी यहां देखा गया है। पूर्वांचल के समीकरण को साधने के लिए भूमिहार प्रतिनिधित्व को मजबूत किया गया है। कभी कल्याण सिंह के प्रभाव का प्रमुख क्षेत्र रहे ब्रज में पूरन लाल (लोधी) को जिम्मा दिया है। काशी में ओबीसी वर्ग के अशोक चौरसिया और कानपुर में ओबीसी वर्ग के ही राम किशोर साहू को कमान सौंपी है। अवध में अवधेश द्विवेदी और गोरखपुर में विनोद राय को कमान दी गई है।

बीस फीसदी महिलाएं

महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के एजेंडे को लेकर आगे बढ़ रही पार्टी की इस सूची में केवल 13 महिलाएं हैं। यह करीब 20 फीसदी हैं।

सुरेश राणा, नीरज सिंह, पूजा पाल को भी महत्वपूर्ण जिम्मा

पार्टी पूर्व मंत्री सुरेश राणा और केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे नीरज सिंह को उपाध्यक्ष बनाने से अपने प्रभाव वाले हर समाज में पार्टी बहुध्रुवीय राजनीति के संकेत दे रही है। सपा की विधायक रही पूजा पाल को भी उपाध्यक्ष बनाया है। पाल ने उत्तर प्रदेश में उनके पति की हत्या का इंसाफ दिलाने के लिए सदन में मुख्यमंत्री की तारीफ की थी। तब वो सपा की विधायक थी। उसके बाद उन्हें सपा से निष्कासित किया गया था। अतीक अहमद ने उनके पति राजू पाल की हत्या की थी।