
दिल्ली के महरौली इलाके में नादान बच्ची के साथ बलात्कार
Delhi Cab Driver Arrest: दिल्ली के महरौली इलाके में जिस तरह नादान बच्ची के साथ बलात्कार और उसकी हत्या को अंजाम दिया गया, उसके बाद से पुलिस लगातार मामले की तफ्तीश कर रही है। पुलिस को आरोपी बसु कुमार सिंह से पूछताछ में पता चला कि वह सड़क के किनारे सोई बच्ची को उठाने के लिए उस इलाके में घंटे भर घूमा। ऐसा इसलिए क्योंकि जब कैब ड्राइवर की नजर बच्ची पर पड़ी थी, तो वह उस वक्त अपनी मां की बांहों में सिमट कर सोई हुई थी।
45 मिनट तक घात लगाए बैठा रहा
आरोपी ने बताया कि वो उस जगह से पहले भी एक बार गुजर चुका था। जब उसने देखा कि बच्ची अपनी मां की बाहों में है, तो वो रुक गया। उसने गाड़ी खड़ी की और करीब 45 मिनट तक सही मौके का इंतजार करता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जैसे ही बच्ची नींद में करवट लेकर मां से थोड़ी दूर हो गई, उसने उसे उठा लिया।
गाड़ी के शीशे बंद किए ताकि चीखें न सुनाई दें
पूछताछ में आरोपी बासु सिंह ने पुलिस को बताया कि बच्ची को उठाते ही उसने कार के सभी शीशे चढ़ा लिए ताकि उसकी आवाज बाहर न जाए। लेकिन पुलिस को शक है कि सिर्फ इतने से काम नहीं चला होगा। अफसरों का मानना है कि उसने बच्ची को चुप कराने के लिए मारपीट भी की। बच्ची के सीने पर बड़े पत्थरों से चोट के निशान मिले हैं जिससे ये अंदेशा लग रहा है कि बच्ची के साथ भयावह तरीके से मारपीट की गई होगी।
बाल, कपड़े और गाड़ी होंगे अहम सबूत
जिस जगह बच्ची की लाश मिली, वहां से खून के धब्बे, एक तौलिया और खून से सने पत्थर भी बरामद हुए हैं। पुलिस का कहना है कि तौलिए का इस्तेमाल गला दबाने में हुआ होगा, जबकि पत्थरों से उसको मारा गया होगा। सभी सामान जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
फोरेंसिक टीम ने दो जगहों से बालों के टुकड़े इकट्ठा किए हैं, एक कार के अंदर से और एक वहां से जहां डेडबॉडी मिली थी। इन्हें जांच के लिए लैब भेजा गया है। गाड़ी और घटनास्थल की रासायनिक जांच भी हुई है जिसमें शरीर के तरल पदार्थ और अन्य निशानों को पहचानने की कोशिश की गई है। कपड़े भी फोरेंसिक टेस्ट के लिए भेजे गए हैं। अब पूरी गाड़ी सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (CFSL) को सौंपी जाएगी। आरोपी का पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पोटेंसी टेस्ट का नतीजा भी अभी आना बाकी है।
बिहार में पुलिसवाला बनने का सपना देखता था, बना हत्यारा
आरोपी बसु कुमार सिंह ने पूछताछ में पुलिस को एक और बात बताई है। उसने कहा कि वो खुद पुलिसवाला बनना चाहता था। बिहार में उसने पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी। लेकिन जिस वर्दी को वो पहनना चाहता था, आज वही वर्दी वाले उसे हथकड़ी लगाए खड़े हैं। पुलिस के मुताबिक घटना से कुछ ही दिन पहले यानी 19 जून को सिंह का एक्सीडेंट भी हुआ था। उसके भाई ने बताया कि गाड़ी चलाते-चलाते उसकी आंख लग गई और जब आंख खुली तो सामने ट्रक था। बचने के लिए उसने गाड़ी को ओवरटेक दिया जिससे गाड़ी का एक दरवाजा टूट गया।
कैब कंपनी से मांगा जवाब
पुलिस ने आरोपी की कैब एग्रीगेटर आईडी ब्लॉक करा दी है और कंपनी से लिखित में पूछा है कि ड्राइवर की भर्ती के वक्त क्या-क्या जांच की गई थी। पुलिस का मानना है कि अगर उसी वक्त सही तरीके जांच होती तो कैब ड्राइवर का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आ जाता।
Updated on:
26 Jun 2026 05:28 pm
Published on:
26 Jun 2026 03:20 pm
बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
