राजनीति

झारखंड : दिग्गजों के आने से उत्साहित भाजपा की हरियाणा ने उड़ाई नींद!

झारखंड में इस साल के अंत में होने हैं विधानसभा चुनाव दिग्गजों के पार्टी में शामिल होने से खुश थी भाजपा हरियाणा चुनाव ने भाजपा की उड़ाई नींद
2 min read
Oct 25, 2019
modi-1522986681.jpeg

नई दिल्ली। झारखंड में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर '65 पार' का नारा बुलंद करने वाली भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कई दिग्गज नेताओं के पार्टी में शामिल होने से उत्साहित थी। लेकिन गुरुवार को दो राज्यों खासकर हरियाणा और बिहार में हुए उपचुनाव के नतीजों ने भाजपा रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है।

भाजपा के नेताओं की मानें तो पार्टी ने एक रणनीति के तहत विपक्षियों का मनोबल तोड़ने के लिए विपक्षी दलों के ऐसे नेताओं को तोड़ने की योजना बनाई थी, जो अपनी पार्टी के नेतृत्व से नाराज थे। भाजपा की यह रणनीति कामयाब भी रही। कांग्रेस और झामुमो में सेंध लगाते हुए सुखदेव भगत, मनोज यादव, कुणाल षाडंगी, ज़े पी़ पटेल और भानु प्रताप शाही जैसे विधायकों को भाजपा में शामिल भी कर लिया गया। इनके शमिल होने के बाद भाजपा खेमे का उत्साह और बढ़ा।

इस साल हुए लोकसभा चुनाव परिणाम से उत्साहित भाजपा अन्य दलों के दिग्गजों के आने के बाद खुद को जहां मजबूत मान रही थी। वहीं विपक्ष भी मायूस दिख रही थी। इस बीच, गुरुवार के चुनाव परिणामों ने विपक्षी दलों को संजीवनी दे दी है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रामेश्वर उरांव का कहना है, 'हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार उपचुनाव के नतीजा ने एक बार फिर भाजपा के खोखले विकास के दावों की हवा निकाल दी है। अब भाजपा का बड़बोलापन समाप्त हो जाएगा।'

उन्होंने कहा कि भाजपा के बड़े नेता महाराष्ट्र में 200 और हरियाणा में 75 के पार का दावा कर रहे थे, लेकिन दो प्रदेशों के मतदाताओं ने भाजपा की आकांक्षाओं के अनुरूप बहुमत नहीं दिया। दोनों प्रदेशों के चुनाव में स्थानीय मुद्दे हावी रहे और झारखंड में भी '65 पार' का नारा खोखला साबित होगा।

Updated on:
25 Oct 2019 09:47 am
Published on:
25 Oct 2019 09:43 am
Also Read
View All
Surguja Politics: ‘आप’ के प्रदेश उपाध्यक्ष, जिलाध्यक्ष समेत 120 कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ, पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने दिलाई सदस्यता

चंदन सिंह जीना के बचाव में उतरे हरीश रावत, ED की कार्रवाई के समय पर उठाए सवाल

शी जिनपिंग के आने पर भारत-चीन सीमा विवाद पर कांग्रेस की आई प्रतिक्रिया, कहा- रिश्ते आगे बढ़ाने के लिए समाधान जरूरी

किसे टिकट, किसकी कटेगी उम्मीद? भिलाई के 70 वार्डों में बढ़ी खींचतान, महापौर की दौड़ ने बदले सियासी समीकरण

पंजाब में सिद्धू और कैप्टन सिंह की कलह खत्म नहीं कर पाए थे हरीश रावत, और फिर कांग्रेस को मिली करारी हार?