
नई दिल्ली। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ( Ex CJI Ranjan Gogoi ) ने गुरुवार को विपक्षी दलों के विरोध के बीच राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली। कांग्रेस के नेताओं ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय न्यायिक परंपरा के हिसाब से यह ठीक नहीं है।
कांग्रेस के सांसदाें ने कहा कि रंजन गोगोई को राज्यसभा सदस्य नहीं बनना चाहिए। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने गोगोई की नियुक्ति को न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।
दो दिन पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ( Kapil Sibbal ) ने कहा था कि रंजन गोगोई को ईमानदारी से समझौता करने के लिए याद किया जाएगा। एआईएमआईएस प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ( Asduddin ) ने भी इस फैसले पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने पूर्व सीजेआर्इ पर निशाना साधते हुए कहा था कि वो खुद मना करें नहीं तो एक्सपोज हो जाएंगे।
ओवैसी ने जस्टिस लोकुर का हवाला देते हुए कहा कि मैं उनसे सहमत हूं। उनके फैसले से सरकार को लाभ हुआ। वो खुद मना करें नही तो एक्सपोज हो जाएंगे। जेटली साहेब ने यही कहा था। इनके खिलाफ महिला ने भी शिकायत की थी। संविधान और लोकतंत्र के लिए यह ठीक नहीं है।
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केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ( Ravishankar Prasad ) ने कहा है कि विपक्षी सदस्यों का आचरण पूरी तरह से अनुचित था। प्रसाद ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के कई गणमान्य लोग इस सदन के सदस्य रहे हैं। उन लोगों में पूर्व न्यायाधीश भी शामिल हैं जिन्हें मनोनीत किया गया था। बता दें कि सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया था। मुख्य न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त होने से एक पहले गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने अयोध्या मसले पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया था।