राजनीति

कर्नाटक को किसी भी हालत में नहीं खोने देगी कांग्रेस, कर रखी हैं पहले से ये तैयारियां

कर्नाटक को किसी भी हाल में नहीं खोने देगी कांग्रस।

2 min read
rahul
rahul

नई दिल्ली। कर्नाटक में सियासी बादल अभी भी छटे नहीं हैं। देश की सर्वोच्च न्यायालय ने बीएम येदियुरप्पा सरकार को कर्नाटक में बहुमत साबित करने के लिए बस एक दिन की मोहलत दी है। अब शनिवार को येदियुरप्पा सरकार का फ्लोर टेस्ट होगा। फ्लोर टेस्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि कर्नाटक किसका होगा। लेकिन इन सब के बीच कांग्रेस का एक नया रूप देखने को मिला। कल तक हर मामले में पीछे रहने वाली कांग्रेस कर्नाटक के मामले में काफी एक्टिव नजर आई, इसके पीछे की सिर्फ एक वजह थी गोवा। दरअसल कांग्रेस गोवा जैसी गलती नहीं करना चाहती थी।

आपको बता दें कि बुधवार को कर्नाटक में येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता देने के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आधी रात से सुबह तक चली सुनवाई में कांग्रेस दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास से सराबोर नजर आई। कांग्रेस का यह दृढ़ निश्चय बता रहा था कि वह कर्नाटक में किसी भी तरह बीजेपी को रोकना चाहती है। बीजेपी को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की तरफ से दायर याचिका ऐसे ही नहीं थी। इसे चुनाव से पहले ही ड्राफ्ट कर लिया गया था। आइए जानते है कर्नाटक में बीजेपी को रोकने के लिए कांग्रेस की ओर से पहले से की गई तैयारियों के बारे में-

गोवा से लिया सबक

15 मई को कर्टनाक चुनाव के नतीजे आए, लेकिन नतीजे आने से पहले ही कांग्रेस ने स्फूर्ति दिखाते हुए याचिका का संभावित ड्राफ्ट तैयार कर लिया था। ड्राफ्ट तैयार करने के पीछे की सबसे बड़ी वजह यह थी कि अगर कर्नाटक में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आती है तो उसे किसी भी तरह दूसरा गोवा बनने से रोकना है।

चुनाव के नतीजों से चौंकी कांग्रेस

गोवा चुनाव का अनुभव लेते हुए कांग्रेस की अभिषेक मनु सिंघवी के नेतृत्व वाली टीम ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्योता देने की मांग करते हुए एक याचिका तैयार कर ली थी। लेकिन जब मंगलवार को नतीजे आए तो यह कांग्रेस के साथ-साथ सिंघवी के लिए भी चौंकाने वाले थे।

याचिका में किया गया संशोधन

कांग्रेस की लीगल टीम ने 15 मई को जैसे नतीजे आने के बारे में सोचा था नतीजे वैसे नहीं आए। फिर कांग्रस को अपनी याचिका में संशोधन करना पड़ा। आपको बता दें कि कांग्रेस की थिंक टैंक को अनुमान हो गया था कि राज्यपाल 116 विधायकों वाले गठबंधन को बुलाने में देरी करेंगे, जिससे बीएस येदियुरप्पा को विरोधी पार्टी से विधायकों को अपने पाले में खींचने के लिए पर्याप्त समय देंगे।

बीजेपी को सरकार बनाने का न्योता

वहीं, यह याचिका बुधवार शाम 7 बजे के लगभग फाइनल हुई। सिंघवी जैसे ही इसे कोर्ट में फाइल करने जा रहे थे उन्हें एक और झटका लगा। राज्यपाल ने येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्योता दे दिया था।

तीसरी बार याचिका ड्राफ्ट

येदियुरप्पा को न्योता मिलने के बाद सिंघवी ने कामत और दूसरे जूनियर्स को कॉल कर याचिका को फिर से ड्राफ्ट करने को कहा। उन्होंने इसे राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक करार देने की मांग के अनुरूप तैयार करने को कहा था।

Updated on:
18 May 2018 06:15 pm
Published on:
18 May 2018 06:50 pm
Also Read
View All
‘ऑपरेशन टाइगर’ सच है या सिर्फ अफवाह? उद्धव ठाकरे ने बुलाई सांसदों की बैठक, आज खत्म होगा सस्पेंस

क्या संसद में अलग बैठ सकता है काकोली घोष के नेतृत्व में TMC के बागी सांसद? नियमों का हवाला देते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा

Bengal Politics: ‘आने वाले समय में TMC पार्टी नहीं रहेगी, BJP में आना चाहते है नेता’, बागी सांसदों को लेकर केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने किया दावा

Punjab Election 2027: क्या है पंजाब की राजनीति में ओबीसी वोटों की अहमियत? नए समीकरण बनाने में जुटी बीजेपी

Ashok Gehlot : जोधपुर में 2 माह तक रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन पर रोक, भाजपा सांसद-मंत्री पर बरसे अशोक गहलोत