
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीबीआई द्वारा पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध का मामला करार दिया है।
पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने गुरुवार को कहा कि चिदंबरम के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। यह राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई है।
सीबीआई की कार्रवाई दुखद है। हर कोई कानून के प्रति जवाबदेह है लेकिन मामला अगर सुप्रीम कोर्ट में है तो सीबीआई इंतजार कर सकती थी।
मोदी सरकार ने चिदंबरम को फंसाया
इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सीबीआई ने बिना किसी आरोपों के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को अर्द्धरात्रि में गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा कि चिदंबरम के खिलाफ कोई सबूत सीबीआई के पास नहीं है। केवल एक हत्यारोपी के बयान के आधार पर चिदंबरम को इस केस में फंसाया गया है। ऐसा करना लोकतंत्र की दिनदहाड़े हत्या है। सीबीआई मोदी सरकार के दबाव में काम कर रही है।
सरकार को खुश करने के लिए हुई गिरफ्तारी
वहीं पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने बुधवार को कहा था कि उनके पिता को जिस नाटकीय ढंग से गिरफ्तार किया गया, वह सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि मामला 2008 में हुआ और उसमें अब तक कोई आरोप नहीं है।
उन्होंने मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से उनसे की गई पूछताछ को याद करते हुए कहा कि सीबीआई ने उन्हें कई बार बुलाया और हर बार करीब 10 घंटे जांच एजेंसी के दफ्तर में पूछताछ की गई।
सीबीआई ने अदालत में आज तक कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया। नहीं है, इसका मतलब है कि कोई केस नहीं है। कार्ति चिदंबरम ने कहा कि चिदंबरम की गिरफ्तारी सरकार में किसी को संतुष्ट करने के लिए की गई है।