
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केरजीवाल के सियासी मंसूबों पर मोदी सरकार ने एक ही झटके में पानी फेर दिया है। विदेश मंत्रालय ने तकनीक कारणों का हवाला देते हुए केजरीवाल की कॉपेनहेगन यात्रा को स्वीकृति नहीं दी है। केंद्र सरकार के इस रुख के खिलाफ अब आम आदमी पार्टी ने हमला बोल दिया है। आप ने केंद्र सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
ऑड-ईवन प्लान को रखना चाहते थे केजरीवाल
दरअसल, सीएम अरविंद केजरीवाल को डेनमार्क के कॉपेनहेगन में आयोजित होने वाली C-40 क्लाइमेट समिट में हिस्सा लेना था। सीएम ने जलवायु परिवर्तन पर डेनमार्क की राजधानी कॉपनहेगन में होने जा रहे C40 शिखर सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अच्छी-खासी तैयार भी की थी।
मुख्यमंत्री ने विशेषज्ञों से बातचीत करने के बाद शिखर सम्मेलन में दी जाने वाली स्पीच खुद तैयार की थी और वे 2016 में दिल्ली सरकार द्वारा लागू किए गए ऑड-ईवन से लेकर 2019 में बनाए गए ऐक्शन प्लान को दुनिया के सामने रखना चाहते थे।
ऑड-ईवन को लेकर केजरीवाल सरकार का मानना है कि जब 2016 में दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन लागू किया तो उसके सकारात्मक परिणाम आए। हालांकि केवल ऑड-ईवन के जरिए ही प्रदूषण के खिलाफ पूरी लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती लेकिन इससे सरकार को यह भरोसा हुआ था कि आम लोगों के सहयोग से प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ी जा सकती है।
शीला दीक्षित हुईं थी कॉपनहेगन सम्मिट में शामिल
केजरीवाल कॉपेनहेगन समिट में इस बात को रखना चाहते थे कि दिल्ली सरकार ने पिछले कुछ सालों में क्या प्रयास किए, जिसके चलते प्रदूषण में 25 फीसदी तक की कमी आई है। लेकिन केजरीवाल अब कॉपनहेगन सम्मिट हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
बता दें कि दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि 2007 में न्यूयार्क में हुए C40 शिखर सम्मेलन में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने भाग लिया था।
भारत की छवि को लगेगा धक्का
आप नेता संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल छुट्टी मनाने नहीं जा रहे थे और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि वह सी-40 समिट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। केजरीवाल को मंगलवार दोपहर 2 बजे उड़ान भरनी थी और उनके साथ 8 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी जाता।
सांसद संजय सिंह ने कहा कि कि यह वैश्विक मंच पर भारत की छवि को प्रभावित करेगा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गलत संदेश जाएगा।