
लखनऊ: यूपी विधानसभा मानसून सत्र का चौथा दिन महिलाओं के लिए खास है । महिला विधायक अपनी बात विधानसभा में रखेंगी । विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पहले ही घोषणा कर दी कि गुरूवार का दिन सदन में महिलाओं के लिए होगा । विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने गुरूवार का दिन खास बनाया है । इस दिन महिला विधायक कम से कम 3 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 8 मिनट का समय बोलने के लिए दिया जाएगा। उसमें महिला विधायकों को अपने तय मुद्दे पर बात रखनी होगी।
योगी सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रही अपराधों को लेकर काफी सख्त है । इसी कड़ी में आज सरकार ने विधानसभा भवन में दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2022 पेश किया । बिल पास होने के बाद यह कानून बन जाएगा, इसके बाद महिलाओं के खिलाफ हुए गंभीर अपराधों पर अग्रिम जमानत के प्रावधान खत्म हो जाएंगे ।
सरकार ने गुरुवार को दंड प्रक्रिया संहिता (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक 2022 व निजी तथा सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली के लिए उत्तर प्रदेश लोक तथा निजी संपत्ति क्षति वसूली (संशोधन) विधेयक 2022 सदन के पटल पर रखा।
महिलाओं का विशेष सत्र शुरू होने से पहले सीएम योगी ने सदन को संबोधित किया
सीएम योगी ने कहा कि मां के समान कोई सहारा नहीं है, मां के समान कोई छाया नहीं है, मां के समान कोई प्रिय नहीं है। भारतीय संविधान में प्रत्येक वयस्क नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है। हमारे संविधान में महिला और पुरुष के बीच कोई अंतर नहीं है। इंग्लैंड और कई देशों में महिलाओं को अधिकार बाद में मिले।
सीएम योगी ने पिछले 5 सालों में एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक महिला संबंधी अपराधों में कमी आई है। मुखबिर योजना के जरिए कन्या भ्रूण हत्या को कम किया गया है। केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से महिला सशक्तिकरण की कई योजना शुरु की गई हैं। राष्ट्रीय पोषण, कन्या सुमंगला, बैंकिंग सखी और ग्रामीण स्तर पर महिलाओं के लिए योजनाएं जारी हैं. मिशन शक्ति के तहत हर थाने में महिला डेस्क की स्थापना की गई है।
सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर काम करना होगा : अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने महिला सुरक्षा को सदन में गंभीरता से उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराध के मामलों में बढ़ोत्तरी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष को मिलकर काम करना होगा। एक सुरक्षित माहौल का निर्माण जरूरी है।