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मुंबई में जैन धर्मगुरुओं के लिए सड़क पर बनाई सफेद पट्टी! मनसे ने दी मुंह काला करने की चेतावनी

Mumbai Jain Monks White Strip Row: मुंबई की सड़कों पर जैन धर्मगुरुओं के लिए सफेद पट्टियां खींचे जाने की घटना पर मनसे के फायरब्रांड नेता संदीप देशपांडे ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया और फिर ऐसा करने पर चेहरा काला करने की चेतावनी दी।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jun 10, 2026

Jain Monks White Strip MNS Warning

जैन संतों के लिए सड़क पर बनाई सफेद पट्टी! मनसे ने दी चेतावनी (Photo: X/@prasadvedpathak)

मुंबई के घाटकोपर-विद्याविहार इलाके में जैन धर्मगुरुओं और साध्वियों के चलने के लिए सड़क पर सफेद रंग की पट्टी बनाए जाने का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ गया है और अब राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

बताया जा रहा है कि जैन धर्मगुरु परंपरा के अनुसार नंगे पैर चलते हैं। गर्मी के कारण तपती सड़क पर चलने में परेशानी न हो, इसलिए उनके मार्ग पर सफेद रंग की पट्टियां बनाई गई थीं। घाटकोपर पश्चिम क्षेत्र में कई स्थानों पर ऐसी सफेद पट्टियां दिखाई देने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।

मनसे नेता संदीप देशपांडे का बड़ा बयान

इस पूरे विवाद पर मनसे नेता संदीप देशपांडे ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सफेद पट्टियां बनाकर ‘सांस्कृतिक आतंकवाद’ फैलाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके चेहरे काले करेंगे। मनसे प्रवक्ता संदीप देशपांडे के इस बयान के बाद मामला और अधिक सियासी हो गया है।

यूट्यूबर प्रसाद वेदपाठक ने उठाया था मुद्दा

यह विवाद सबसे पहले यूट्यूबर प्रसाद वेदपाठक (Prasad Vedpathak) द्वारा सोशल मीडिया पर उठाया गया था। उन्होंने दावा किया था कि जिस सोसायटी में वे रहते हैं, वहां कुछ जैन परिवारों ने बिना सोसायटी के अन्य सदस्यों की अनुमति लिए सफेद पट्टी बनवा दी थी।

प्रसाद ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि धार्मिक परंपराओं का पालन निजी तौर पर किया जाना चाहिए और सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार के बदलाव करने से पहले सभी निवासियों की सहमति लेना आवश्यक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि इस तरह के कदम से सामाजिक और धार्मिक तनाव पैदा हो सकता है।

सोसायटी के कई सदस्यों ने जताया विरोध

जानकारी के अनुसार, सोसायटी के कई अन्य सदस्यों ने भी इस सफेद पट्टी का विरोध किया था। मामला मीडिया और सोशल मीडिया में सुर्खियां बनने के बाद इस पर लगातार बहस होती रही। कई लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जोड़ा, जबकि कुछ लोगों ने इसे सार्वजनिक स्थानों के उपयोग और नियमों से जुड़ा मुद्दा बताया।

आखिरकार सफेद पट्टियां हटाई गई

विवाद के बीच अब उन सफेद पट्टियों पर दूसरा रंग फेरकर उन्हें सामान्य कर दिया गया है। खुद प्रसाद वेदपाठक ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने कहा की यह मुद्दा अब समाप्त हो चुका है।