
धर्मेंद्र प्रधान और रणवीर शौरी (Photo Source- Ranvir Shorey Instagram)
Dharmendra Pradhan resigns education minister: नीट (NEET) पेपर लीक और व्यापक छात्र आंदोलनों के बीच 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिससे देश भर में हलचल मच गई। जहां एक तरफ फिल्म इंडस्ट्री का एक बड़ा वर्ग, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारी छात्रों की इस जीत का जश्न मना रहा है, वहीं अभिनेता रणवीर शौरी और अभिनेत्री तारा देशपांडे के अलावा देवोलीना भट्टाचार्जी ने भी इस मामले पर बड़ा बयान दिया है।
रणवीर शौरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मोदी सरकार द्वारा इस स्थिति को संभालने के तरीके पर तीखी आलोचना की। उन्होंने एक GIF शेयर करते हुए लिखा, "और एक कदम में मोदी सरकार ने अपने किसी दुश्मन को नहीं जीता, लेकिन अपने कई समर्थकों का दिल जरूर तोड़ दिया। #मास्टरस्ट्रोक"
वहीं, जब एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था, तो रणवीर ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि इस्तीफा पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने लिखा, "हां, लेकिन सड़कों पर लोगों द्वारा पूरे माहौल को बंधक बनाए जाने से पहले ही यह कदम उठा लिया जाना चाहिए था। अब ऐसा लगता है कि सरकार समर्थकों की नहीं, बल्कि सड़कों पर मौजूद 'कॉकरोच' की सुनती है!" अब ऐसे में एक यूजर ने लिखा, 'यह दुख की बात है कि दिल्ली के लोगों ने इन 'कॉकरोचों' (कीड़े-मकोड़ों) के बुरे मंसूबों का विरोध करने और उन्हें नाकाम करने के बजाय अपने प्रधानमंत्री को निराश किया।" दूसरे ने लिखा,
वहीं, पूर्व MTV VJ और अभिनेत्री तारा देशपांडे ने जोहो (Zoho) के संस्थापक श्रीधर वेम्बू की पोस्ट को शेयर किया। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर निराशा जताई। उन्होंने लिखा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने लंबे करियर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, PAHAL डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और HELP नीति जैसे ऐतिहासिक सुधारों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई। तारा ने कहा कि NEET विवाद के अलावा शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उनका काम ठोस रहा है और उनके इस्तीफे का सम्मान होना चाहिए।
इसके साथ ही टीवी की एक्ट्रेस देवोलीना भट्टाचार्जी ने भी मोदी सरकार पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, "सरकारें अक्सर अपने सच्चे शुभचिंतकों और समर्थकों को हल्के में ले लेती हैं, जबकि वे उन लोगों को खुश करने की कोशिश करती रहती हैं जो हर कदम पर उनका विरोध करते हैं। लेकिन मेरा कर्म में विश्वास है... इस जीवन में भी और इसके बाद भी। हर इरादे और हर काम का- चाहे वह इंसानियत और देश के पक्ष में हो या खिलाफ- आखिरकार हिसाब-किताब तो होगा ही।
मैं प्रधानमंत्री मोदी जी के कई फैसलों से सहमत नहीं हूं। फिर भी, मेरा मानना है कि आज जो हुआ, उसके लिए ऐसी राजनीतिक इच्छाशक्ति और अधिकार की जरूरत थी, जिसका इस्तेमाल सिर्फ वही कर सकते थे। जहां तारीफ बनती है, वहां तारीफ मिलनी ही चाहिए। देवोलीना के पोस्ट पर एक यूजर ने लिखा, "पूरे मामले को बहुत खराब तरीके से और अहंकार के साथ संभाला गया, और विरोध-प्रदर्शन को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्हें विरोध शुरू होने से 20 दिन पहले ही बातचीत करनी चाहिए थी और प्रधान का मंत्रालय बदल देना चाहिए था।" दूसरे ने लिखा, "टिकट के लिए क्या कुछ करना पड़ता है बाबू भैया।"
इसके विपरीत, बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय सिनेमा के कई बड़े नामों ने इसे छात्रों के सत्याग्रह की जीत बताया है। प्रकाश राज, शबाना आजमी, कमल हासन, चिन्मयी श्रीपदा, सोनाक्षी सिन्हा, विजय वर्मा और गुरफतेह पीरजादा जैसे कलाकारों ने CJP और सोनम वांगचुक के नेतृत्व में आंदोलन कर रहे Gen Z छात्रों के साहस की सराहना की है।
Updated on:
26 Jul 2026 07:22 am
Published on:
26 Jul 2026 07:21 am
