
श्रीदेवी ने एनटीआर के साथ किया रोमांस (फोटो सोर्स- IMDb)
Sridevi-NTR Romance: भारतीय सिनेमा में जब भी सबसे सफल अभिनेत्रियों का नाम लिया जाता है तो उसमें श्रीदेवी का जिक्र सबसे पहले होता है। उन्होंने न सिर्फ हिंदी फिल्मों में बल्कि तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा में भी अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया। बेहद कम उम्र में अभिनय की शुरुआत करने वाली श्रीदेवी ने अपने लंबे करियर में कई ऐसे किरदार निभाए जो आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। लेकिन उनके शुरुआती करियर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है, जिसने उस दौर में खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
साल 1979 में रिलीज हुई तेलुगु फिल्म 'वेटागाडु' उस दौर की बड़ी फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में श्रीदेवी के साथ दिग्गज अभिनेता और बाद में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने नंदमुरी तारक रामाराव (एनटीआर) मुख्य भूमिका में थे। उस समय श्रीदेवी किशोरावस्था में थीं, जबकि एनटीआर उम्र के पांचवें दशक को पार कर चुके थे।श्रीदेवी उस वक्त महज 15 साल की थीं। दोनों के बीच करीब चार दशक का उम्र का अंतर होने के बावजूद उन्हें रोमांटिक जोड़ी के रूप में पर्दे पर पेश किया गया।
फिल्म की घोषणा के साथ ही इस कास्टिंग को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कई लोगों ने इतनी बड़ी उम्र के अंतर वाली जोड़ी पर सवाल भी उठाए, लेकिन निर्माताओं ने कहानी और किरदारों के हिसाब से अपने फैसले को बरकरार रखा।
फिल्म का रोमांटिक गीत 'आकु चाटु पिंदे तडिसे' रिलीज होते ही दर्शकों की जुबान पर चढ़ गया। बारिश के बीच फिल्माए गए इस गाने में दोनों कलाकारों की स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का ध्यान खींचा। उस दौर में ये गीत रेडियो और सिनेमाघरों में खूब पसंद किया गया और बाद में इसे तेलुगु सिनेमा के यादगार रोमांटिक गीतों में गिना जाने लगा।
दिलचस्प बात ये रही कि विवादों के बावजूद गाने की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा। आज भी ये गीत पुराने फिल्म प्रेमियों के बीच खास पहचान रखता है।
इस कहानी का सबसे रोचक पहलू यह है कि श्रीदेवी इससे पहले एक फिल्म में एनटीआर की पोती की भूमिका निभा चुकी थीं। कुछ ही वर्षों बाद वही अभिनेत्री उनके साथ रोमांटिक जोड़ी के रूप में बड़े पर्दे पर नजर आईं। इस बदलाव ने दर्शकों को चौंका दिया और फिल्म लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।
हालांकि उम्र के अंतर को लेकर बहस जरूर हुई, लेकिन 'वेटागाडु' बॉक्स ऑफिस पर सफल रही। फिल्म के गीत और कलाकारों की लोकप्रियता ने इसे बड़ी हिट बना दिया। इस सफलता ने श्रीदेवी के करियर को नई दिशा दी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनकी स्टार छवि और मजबूत हो गई।
इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों का रुख किया और 'हिम्मतवाला', 'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी', 'चालबाज़' और 'लम्हे' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों के जरिए खुद को भारतीय सिनेमा की पहली महिला सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया। आज भी उनके करियर का ये शुरुआती अध्याय फिल्म इतिहास के सबसे चर्चित किस्सों में शामिल माना जाता है।
Updated on:
25 Jul 2026 02:05 pm
Published on:
25 Jul 2026 02:05 pm
