राजनीति

कर्नाटक चुनाव परिणाम: थोड़ी देर में जानिए पूर्ण बहमुत या त्रिशंकु विधानसभा का राज

कर्नाटक चुनाव परिणाम का महत्‍व न केवल कांग्रेस के लिए बल्कि भाजपा के लिए भी कई मायनों अहम है।

2 min read

नई दिल्‍ली। कर्नाटक की राजनीति के लिए आज नतीजे दिन है। आज ही यह तय होगा कि आगामी पांच साल तक कर्नाटक पर कौन राज करेगा? मतगणना शुरू हो चुकी है और रुझान आने लगे हैं। रुझान में कांग्रेस आगे चल रही है। जबकि बीजेपी दूसरे नंबर है। कर्नाटक पर राज कौन करेगा इसका इंतजार कर्नाटक सहित देश की जनता को बेसब्री से है। बेसब्री इसलिए कि कर्नाटक का चुनाव बहुत हद तक लोकसभा चुनाव को लेकर दशा और दिशा भी तय करने वाला हो सकता है। खासकर पीएम मोदी सरकार और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की तकदीर का फैसला भी करने वाला हो सकता है।

ये भी पढ़ें

विशेष सचिव ने किया निरीक्षण, पीएम आवस योजना के कार्यो की खुली पोल

222 सीटों की मतगणना आज
222 सीटों पर पड़े मतों की गिनती आज सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी। मतगणना के रुझान एक घंटे के भीतर आने शुरू हो सकते हैं। देर शाम तक स्‍पष्‍ट हो जाएगा कि सत्ता की चाबी किसे मिलेगी। चुनाव परिणाम इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि कर्नाटक का चुनाव कई नेताओं के लिए प्रतिष्ठा का सवाल भी है। इस चुनाव में एक ओर जहां सिद्धारमैया और बीएस येदियुरप्पा के बीच कुर्सी की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रतिष्ठा भी इससे जुड़ी हुई है। साथ ही क्षत्रप के रूप में जेडीएस यानि कुमार स्‍वामी और देवगौड़ा के राजनीतिक भविष्‍य का निर्धारण भी इन सीटों पर चुनाव परिणाम से होने वाला है।

जेडीएस के पास सत्ता की चाबी
चुनाव के बाद एग्जिट पोल में भी किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत मिलता नहीं दिखाया गया है। अधिकांश एग्जिट पोल में भाजपा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के संकेत दिए हैं। पोल के हिसाब से राज्य में त्रिशंकु विधानसभा के भी आसार हैं। यही वजह है कि जेडीएस प्रमुख पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की पार्टी जनता दल (एस) को किंगमेकर के रूप में देखा जा रहा है। त्रिशंकु विधानसभा को देखते हुए कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के दावेदार सिद्धारमैया ने पहले ही कह दिया है कि यदि आलाकमान फैसला करता है तो वह किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर खुद कुर्सी छोड़ने को तैयार है। उनके इस बयान के बाद कयास लगाए जाने लगे हैं कि राज्य में खंडित जनादेश आ सकता है। उनके इस बयान को जेडीएस से गठबंधन के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

224 में से 222 सीटों पर हुआ था मतदान
224 सदस्यीय कर्नाटक विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। यहां आरआर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया गया था। वहीं जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था। इस बार मतदान प्रतिशत 70.13 फीसद रहा था। अगर कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट जनादेश जाता है तो 1985 के बाद यह पहली बार होगा जब कोई दल लगातार दूसरी बार सरकार बनाएगा। 1985 में तत्कालीन जनता दल ने रामकृष्ण हेगड़े के नेतृत्व में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। ऐसा नहीं होने पर भाजपा दक्षिण भारत के किसी भी राज्‍य में दूसरी बार सत्‍ता में वापसी करने में सफल होगी।

भाजपा जीती तो बढ़ेगा मोदी का क्रेज
अगर राज्य में भाजपा जीतती है तो एक बार फिर इसे मोदी के करिश्मे के रूप में लिया जाएगा तथा भाजपा शासित मध्य प्रदेश , राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा का संचार होगा।

ये भी पढ़ें

दलित समाज ने भरी हुंकार, गुंजल को पार्टी से निष्काषित नहीं किया तो बस्तियों में घुसने नहीं देंगे भाजपा नेताओं को
Updated on:
15 May 2018 07:50 am
Published on:
15 May 2018 09:16 am
Also Read
View All