
निदा खान को पनाह देना AIMIM पार्षद को पड़ा भारी (Photo: Social Media)
दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की नासिक इकाई में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान (27) को आश्रय देना एमआईएम (AIMIM) पार्षद मतीन पटेल के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि निदा खान पिछले पांच दिनों से छत्रपति संभाजीनगर में मतीन पटेल के संपर्क में थी और उन्हीं के नारेगांव वाले फ्लैट में छिपी हुई थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस ने एमआईएम नेता को भी मामले में आरोपी बनाया है। अब इस प्रकरण में छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने भी सख्त रुख अख्तियार कर लिया है और मतीन पटेल की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि नगर निगम की जांच में यह पाया गया है कि जिस घर में निदा खान को छिपाकर रखा गया था, वह अवैध अतिक्रमण कर बनाया गया है। प्रशासन ने वहां नोटिस चस्पा कर बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यदि तीन दिनों के भीतर इस निर्माण को लेकर कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, तो प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जाएगी और घर को जमींदोज कर दिया जाएगा।
पार्षद मतीन पटेल के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई केवल एक घर तक सीमित नहीं है। प्रशासन ने नारेगांव इलाके में स्थित उनके दूसरे रिहायशी मकान और उनके कार्यालय को भी जांच के दायरे में लिया है। इन दोनों संपत्तियों को लेकर भी नोटिस जारी किया गया है।
निगम के इस आक्रामक रुख से यह स्पष्ट हो गया है कि मतीन पटेल के खिलाफ अब दोतरफा कार्रवाई चल रही है, एक ओर जहां पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ नगर निगम अवैध निर्माणों पर एक्शन ले रहा है।
मिली जानकारी के मुताबिक, निदा खान ने छत्रपति संभाजीनगर पहुंचने के बाद मतीन पटेल से संपर्क साधा था। मतीन पटेल ने करीब दो महीने पहले नारेगांव के कौसर पार्क इलाके में एक नया फ्लैट खरीदा था। पुलिस का कहना है कि इसी फ्लैट में निदा खान को छिपया था ताकि वह गिरफ्तारी से बच सके। अब इसी संपत्ति के अवैध होने का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने इसे गिराने का नोटिस जारी किया है, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।
पुलिस के अनुसार, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पार्षद मतीन पटेल से लगातार पूछताछ के बाद निदा खान के ठिकाने के बारे में पता चला। निदा खान के पिता एजाज बशीर (52), मां नीलोफर एजाज (44), भाई मोहम्मद एजाज (20) और उनकी रिश्तेदार नूरजहां शेख अली (44) भी घर में उसके साथ मौजूद थे।
उधर, अदालत ने निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा है। इससे पहले नासिक रोड अदालत ने 2 मई को खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी और कहा था कि ऐसा लगता है कि संगठित कोशिशों के जरिये पीड़ितों का ब्रेनवॉश करने की सुनियोजित तैयारी थी। अपराध की गंभीरता सच में बहुआयामी और बहुस्तरीय है। अपनी गर्भावस्था का हवाला देते हुए खान ने अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी।
टीसीएस में महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, जबरदस्ती धर्म परिवर्तन की कोशिश, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सामने आने के बाद 9 प्राथमिकी दर्ज की गई थीं और एक महिला ऑपरेशन्स मैनेजर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया था। जबकि निदा खान फरार थी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। टीसीएस ने साफ किया है कि इस तरह के मामलों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
Updated on:
10 May 2026 12:05 pm
Published on:
10 May 2026 11:53 am
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