दिल्ली में अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव सियासी पार्टियों ने अभी से तैयारियां शुरू की भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व नए चेहरों को मौका देना चाहता
नई दिल्ली। दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी दलों की तैयारियां तेज हो गई है। इधर भाजपा अपने पार्षदों को चुनाव में टिकट नहीं देने जा रही है। केंद्रीय नेतृत्व नए चेहरों को मौका देने पर विचार कर रहा है। दिल्ली के भाजपा प्रभारी श्याम जाजू ने कहा कि हाल ही में हुई पार्टी की बैठक में पार्षदों को चुनाव में नहीं लड़ने को कहा गया है। टिकट मांगने के बजाए अपने वार्ड में अच्छा काम करने को कहा गया है।
दरअसल पार्षदों के साथ हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और दिल्ली प्रभारी श्याम जाजू भी मौजूद थे। इस दौरान प्रकाश जावड़ेकर ने अपने काउंसलरों से कहा कि केंद्रीय नेतृत्व पार्षदों को टिकट देने की इच्छुक नहीं है। ऐसे में उन्हें टिकट की मांग नहीं करनी चाहिए। बेहतर है कि वह अपना काम पर विशेष ध्यान दे।
दिल्ली नगर निगम पर भाजपा का कब्जा
जावड़ेकर ने बताया कि विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी प्रत्याशियों का चयन योग्यता और अनुभव के आधार पर करेगी। साथ ही उनकी वरिष्ठता भी देखी जाएगी।
दिल्ली में नगर निगम में भाजपा की सरकार है। पिछले 2 बार से भाजपा का कब्जा है। भाजपा के पास 181 पार्षद हैं। इनमें से कई पार्षद और मेयर इस बार विधानसभा चुनाव में टिकट लेने की उम्मीद लगा रखे हैं। लेकिन पार्टी के फैसले के बाद उन्हें तगड़ा झटका लगा है।