दिल्ली हाईकोर्ट ने मुफ्त पानी की योजना के लिए आम आदमी पार्टी सरकार की जमकर आलोचना की है।
नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार अपनी ही एक योजना के लिए घिरती हुई नजर आ रही है। दरअसल गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने मुफ्त पानी की योजना के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार जमकर आलोचना की है। कोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार को फटकार लगाई और कहा कि मुफ्त में किसी को कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए।
आप चाहें तो 10 पैसे या 1 पैसे चार्ज करें: कोर्ट
आपको बता दें कि गुरुवार को कार्यकारी मुख्य जस्टिस गीता मित्तल और जस्टिस सी हरी शंकर की बेंच ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य में किसी को भी कुछ भी मुफ्त में नहीं दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि आप चाहे तो 10 पैसे या 1 पैसे चार्ज करें लेकिन मुफ्त में कुछ भी नहीं दिया जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने यह जरुर कहा है कि जरूरतमंद लोगों को मुफ्त में संसाधन उपलब्ध होनें चाहिए। बता दें कि कोर्ट ने यह टिप्पणी उस समय की है जब वरिष्ठ वकील और एमिकस क्यूरी राकेश खन्ना ने इस मुद्दे पर अदालत के हस्तक्षेप की मांग की।
अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी
आपको बता दें कि इधर कोर्ट में दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड ने अपने बचाव में कहा कि पानी का संरक्षण सुनिश्चित है और मुफ्त इस्तेमाल के लिए 20 हजार किलोलीटर की सीमा है। बता दें कि कोर्ट में दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड की ओर से वकील दयान कृष्णन अपनी दलील पेश कर रहे थे। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो तय सीमा से ऊपर अवैध तरीके से कई मंजिला मकान बनवा ली है और फिर मुफ्त पानी का लाभ ले रहे हैं, जबकि वे इसकै भुगतान करने में सक्षम हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि गरीब बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के लिए यह योजना होती तो कुछ देर के लिए समझा जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं है। बता दें कि इस मामले में अब अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।