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Rajya Sabha Elections: राज्य सभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज! मल्लिकार्जुन खरगे तय, लेकिन दिग्विजय-बिट्टू पर सस्पेंस

Rajya Sabha Elections: पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होते ही 10 राज्यों की 23 राज्य सभा सीटों पर सियासी हलचल तेज हो गई है। कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खरगे की जीत तय मानी जा रही है, जबकि एचडी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह और रवनीत सिंह बिट्टू की वापसी पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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भारत

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Ashib Khan

May 12, 2026

Rajya Sabha Elections

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह (Photo-IANS)

Rajya Sabha Elections: पांच प्रदेशों के विधानसभा चुनाव समाप्त होने के साथ ही अब राजस्थान-मध्यप्रदेश समेत 10 राज्यों में राज्य सभा की 23 सीटों के चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। इन चुनावों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कर्नाटक से जीत कर आना तय है वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की वापसी बीजेपी पर निर्भर करेगी।

खरगे, दिग्विजय और रवनीत सिंह बिट्टू पर रहेगी नजर

वहीं चुनाव में इस पर नजर रहेगी कि राजस्थान से सांसद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भाजपा पंजाब विधानसभा चुनाव में सक्रिय करेगी या पुन: राज्य सभा भेजेगी। साथ ही मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की वापसी पर भी नजर रहेगी। हालांकि दिग्विजय खुद फिर से राज्य सभा जाने से अनिच्छा जता चुके हैं। विधानसभाओं में संख्या बल के आधार पर चुनाव में एनडीए को 15 और इंडिया ब्लॉक को पांच सीटें मिलना तय है, अन्य पर मुकाबला हो सकता है।

इन राज्यों की सीट पर होगा चुनाव

कर्नाटक की चार राज्य सभा सीटों पर चुनाव होंगे। जीत के लिए 45 वोट जरूरी है। चार में से दो पर कांग्रेस और एक पर बीजेपी की जीत तय मानी जा रही है। वहीं देवगौड़ा की सीट पर मुकाबला हो सकता है। 

राजस्थान की तीन राज्य सभा सीटों पर चुनाव होगे और जीत के लिए 51 वोटों की आवश्यकता है। मौजूदा सीटों की तरह ही बीजेपी को दो व कांग्रेस को एक सीट मिलना तय माना जा रहा है। बीजेपी से रवनीत सिंह बिट्टू और राजेंद्र गहलोत और कांग्रेस से नीरज डांगी का कार्यकाल समाप्त होगा। सबसे ज्यादा नजर बिट्टू पर होगी, क्योंकि पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में क्या बीजेपी उन्हें फिर राज्य सभा भेजेगी या फिर पंजाब चुनाव में सक्रिय करेगी। वहीं माना जा रहा है कि बीजेपी एक अन्य सीट और कांग्रेस नये चेहरों को मौका दे सकती है। 

मध्यप्रदेश की दो सीटों पर चुनाव होंगे। जीत के लिए 58 वोटों की आवश्यकता होगी। भाजपा-कांग्रेस का एक-एक सीट जीतना लगभग तय माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और कांग्रेस का दिग्विजय सिंह का कार्यकाल समाप्त होगा। दोनों नेताओं की वापसी पर नजर होगी।

गुजरात की चार राज्य सभा सीटों पर चुनाव होंगे। जीत के लिए 37 वोट जरूरी है। सभी सीटों पर बीजेपी की जीत तय है और संख्या बल कम होने से कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शक्तिसिंह गोहिल की वापसी नहीं होगी।

आंध्र प्रदेश की चार राज्य सभा सीटों पर चुनाव होंगे। जीत के लिए 36 वोटों की आवश्यकता है। प्रदेश में 175 में से 164 विधायक होने के कारण एनडीए की सभी सीटों पर एकतरफा जीत तय है।

पूर्वोत्तर की तीन सीटों पर चुनाव होंगे। अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम की एक-एक सीट पर एनडीए की जीत आसान मानी जा रही है। 

झारखंड की दो राज्य सभा सीटों पर चुनाव होंगे और जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता होगी। झामुमोनीत महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं, एक सीट पर जीत तय, दूसरी पर मुकाबला, महागठबंधन की एकता पर नजर होगी।