
पीएम नरेंद्र मोदी ने लोगों से की 7 अपील (Photo-IANS)
Narendra Modi Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का सोच-समझकर इस्तेमाल करने, सोना कम खरीदने और विदेश यात्राओं से बचने की अपील की है। दरअसल, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है, जिससे तेल की सप्लाई बाधित हो गई।
पीएम मोदी ने लोगों से अपील कर यह संकेत दिया है कि आने वाले समय में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव भी खत्म हो गए है, इसके बाद केंद्र सरकार अब इस संकट से निपटने की रणनीति पर फोकस कर रही है।
हालांकि अब तक भारत ने आम लोगों पर वैसी सख्त पाबंदियां नहीं लगाईं, जैसी दुनिया के कई देशों में देखने को मिली हैं। लेकिन बढ़ते तेल दाम, गिरता रुपया और बढ़ता आयात बिल सरकार के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं।
भारत अब तक ऊर्जा संकट के बड़े असर से काफी हद तक बचा हुआ है। घरेलू LPG की कमी, महंगे ईंधन और सप्लाई चेन पर दबाव जैसी समस्याओं के बाद भी सरकार ने कई देशों की तरह सख्त प्रतिबंध नहीं लगाए है।
दुनिया के 44 देशों ने ऊर्जा टैक्स घटाए है। 33 देशों ने लोगों से ईंधन खपत कम करने की अपील की है। 25 देशों ने वाहन उपयोग सीमित किया, स्पीड लिमिट घटाई या फ्यूल राशनिंग लागू की है। 14 देशों ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया है। 8 देशों ने एयर कंडीशनर के तापमान तय किए और 6 देशों ने स्कूल-कॉलेज के समय घटाए।
लेकिन भारत में अभी तक यह फैसले लागू नहीं हुए है। हालांकि सरकार ने फिलहाल पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती, एयर फ्यूल कीमतों पर नियंत्रण, LPG वितरण प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने जैसे उपाय अपनाए हैं। इसका फायदा यह रहा कि आम लोगों को अभी तक कठोर प्रतिबंधों का सामना नहीं करना पड़ा।
| उपाय का प्रकार | विवरण | देशों की संख्या | भारत में लागू (हाँ/नहीं) |
| टैक्स | ऊर्जा कर को कम करना | 44 | हाँ |
| अभियान (Campaign) | उपभोक्ताओं से ऊर्जा की मांग सीमित करने का आग्रह या आदेश | 33 | हाँ |
| परिवहन (Transport) | वाहनों के उपयोग को सीमित करना, ईंधन की राशनिंग, गति सीमा कम करना, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना | 25 | नहीं |
| ईंधन सब्सिडी | प्रत्यक्ष सहायता (Direct Support) में वृद्धि | 19 | नहीं |
| मूल्य सीमा | ईंधन की अधिकतम कीमत निर्धारित करना | 18 | हाँ |
| सरकारी यात्रा | सार्वजनिक अधिकारियों द्वारा हवाई और सड़क यात्रा को सीमित करना | 14 | नहीं |
| वर्क फ्रॉम होम | रिमोट वर्क (घर से काम) को प्रोत्साहित या अनिवार्य करना | 14 | नहीं |
| कूलिंग | एयर कंडीशनर के लिए तापमान की सीमा तय करना | 8 | नहीं |
| स्कूल और विश्वविद्यालय | खुलने के समय को सीमित करना या बंद करना | 6 | नहीं |
| अन्य | अन्य विविध उपाय | 29 | हाँ |
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच चुकी हैं। दूसरी ओर रुपया कमजोर हुआ है, जिससे तेल आयात और महंगा पड़ रहा है। इसका सीधा असर भारत के चालू खाता घाटे पर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहीं तो सरकार के सामने दो ही विकल्प बचेंगे या तो विदेशी निवेश बढ़ाया जाए या फिर विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल किया जाए।
Published on:
12 May 2026 09:00 am
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