
अहमदाबाद। लोकसभा चुनाव से पहले नेताओं के दल-बदल का सिलसिला लगातार जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ गुजरात में हाल ही में कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा था। विधायक आशा पटेल ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके बीजेपी में शामिल होने की खबरें आ रही थी। हालांकि उन्होंने इस पर औपचारिक टिप्पणी कोई नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आशाबेन पटेल कांग्रेस अध्यक्ष राहु गांधी को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी की तारीफ की है।
सवर्ण आरक्षण के फैसले को बता शानदार
राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी में आशा पटेल ने कहा है, 'एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया, जबकि दूसरी तरफ कांग्रेस यहां विभिन्न जातियों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश में जुटी है।'' मेहसाणा जिले के ऊंझा निर्वाचन क्षेत्र से विधायक आशा पटेल ने गांधीनगर में गुजरात विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी को शनिवार सुबह अपना इस्तीफा सौंपा, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है।
आशा पटेल ने खुद को नजरअंदाज करने का लगाया आरोप
आशा पटेल का इस्तीफा कांग्रेस में चल रही भीतरी कलह का नतीजा है। आशा पटेल ने अपने इस्तीफे में भी इस बात का जिक्र किया कि मैंने अंदरूनी कलह और पार्टी नेतृत्व द्वारा मुझे नजरअंदाज करने के चलते इस्तीफा दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल में राज्य के मुद्दों पर दी गई उनकी किसी भी राय पर गौर नहीं किया गया।
भाजपा में जाने पर कर रही हैं विचार?
आशा पटेल भाजपा में जा सकती हैं, जब ये सवाल उनसे पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया वह कोई निर्णय लेने से पहले निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से विचार-विमर्श करेंगी। उधर राज्य कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि ऐसा लगता है कि आशा पटेल ने अपने निजी स्वार्थ के चलते यह निर्णय लिया है. उन्होंने कहा, 'कल तक, उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा था।'