
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा स्पीकर केआर रमेश के इस्तीफे के बाद उनकी जगह नए स्पीकर की तलाश तेज हो गई है। फिलहाल केजी बोपैया का नाम सबसे आगे चल रहा है।
केजी बोपैया मंगलवार को नामांकन दाखिल कर सकते हैं।
सोमवार को एक तरफ कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा सरकार ने विधानसभा में बहुमत साबित किया तो दूसरी तरफ स्पीकर केआर रमेश ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब उनकी जगह नए स्पीकर की दौड़ में भाजपा एमएलए केजी बोपैया का नाम सबसे आगे चल रहा है।
2004 में बने थे पहली बार विधायक
भाजपा नेता केजी बोपैया 2004 में मदिकेरी निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पहली बार विधायक चुने गए। 2008 में विराजेपेट निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में दोबारा विधायक बने।
30 दिसंबर 2009, को उन्हें विधानसभा अध्यक्ष जगदीश शेट्टार के इस्तीफे के बाद कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था।
लॉ में गोल्ड मेडलिस्ट
भाजपा नेता केजी बोपैया का जन्म 17 अक्टूबर, 1955 को कलूर में हुआ था। उन्होंने बीएससी के बाद लॉ की पढ़ाई की थी।
लॉ में वह गोल्ड मेडलिस्ट थे। बीएमएस कॉलेज से लॉ करने के बाद 1980 में वह वकालत करने मदिकेरी लौट आए।
इमरजेंसी के दौरान जेल में भी रहे बोपैया
बोपैया बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ गए थे। इसके अलावा वह अपने कॉलेज के दिनों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक सक्रिय सदस्य थे।
उन्होंने 1970 के दशक में सरकार द्वारा प्रस्तावित एक बांध परियोजना के खिलाफ आंदोलन में भाग लिया था। उन्हें बेंगलुरु में आपातकाल के दौरान गिरफ्तार भी किया गया था।
प्रदेश के विकास पर दूंगा जोर
इससे पहले सोमवार को लंबे सियासी घमासान के बाद कर्नाटक की सत्ता बदल गई। येदियुरप्पा सरकार ने सोमवार को विधानसभा में बहुमत भी साबित किया।
कर्नाटक विधानसभा में बहुमत परीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वो हर पल राज्य के विकास के लिए काम करेंगे।