
नई दिल्ली। सफलता हासिल करने की भूख में इंसान अंधविश्वास के चक्कर में फंसकर कुछ भी करने को तैयार है। बड़े-बड़े लोग भी अंधविश्वास से बच नहीं पाए हैं। कर्नाटक में भी इसकी एक बानगी देखने को मिली है। कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग के मंत्री और मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के भाई एचडी रेवन्ना पर भी इन दिनों 'अंधविश्वास'के शिकार हैं। रेवन्ना हर रोज विधानसभा जाने के लिए करीब 300 किलोमीटर का सफर तय करते हैं। बताया जा रहा है कि इसके पीछे वजह ये है कि वास्तु के मुताबिक रेवन्ना को जिस बंगले में रहकर तरक्की मिलेगी वो अभी खाली नहीं है।
कुर्सी के चलते हैं हर रोज 300 किलोमीटर
दरअसल जेडीएस विधायक बेंगलुरू के कुमारकृपा पार्क ईस्ट स्थित गांधी भवन के पास बने बंगले में रहना चाहते हैं। वर्तमान में इस बंगले में कांग्रेस नेता एचसी महादेवप्पा रहते हैं। रेवन्ना भी इसी बंगले में रहना चहाते हैं लेकिन अभी उन्हें अलॉट नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि रेवन्ना को किसी ज्योतिषी ने बताया है कि ये बंगला उनके राजनीतिक करियर को बहुत आगे लेकर जाएगा। इसी उम्मीद में वे बेंगलुरू से करीब 170 किलोमीटर दूर होलनरसीपुर स्थित अपने घर से हर दिन सुबह 8 बजे घर से निकल जाते हैं और रास्ते में पड़ने वाले अनेक मंदिरों में पूजा अर्चना करते हुए करीब 11 बजे विधानसभा पहुंचते हैं। कामकाज निपटाने के बाद वो विधानसभा रात करीब 8.30 बजे निकलते हैं और रात 11.30 बजे घर पहुंचते हैं, यानि दिनभर में वे करीब 340 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं। एचडी रेवन्ना ने इसे अपना रुटीन बना लिया है।
3 महीने बाद खाली होगा बंगला
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रेवन्ना को किसी ज्योतिषी ने सलाह दी है कि लंबे समय तक अगर मंत्री पद पर बने रहना है तो रात में उन्हें अपने मौजूदा घर में कम से कम समय तक रूकना चाहिए। इसके अलावा बेंगलुरू स्थित बंगला उनके लिए काफी लकी साबित हो सकता है। इस बंगले को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी लकी मानते हैं,इसी में रहने के दौरान उन्हें सीएम की कुर्सी पर बैठने का मौका मिला था। बताया जा रहा है कि ये बंगला करीब 3 महीने बाद खाली होगा।
अंधविश्वास पर खुद दी सफाई
रेवन्ना के अंधविश्वास की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वे खुद मीडिया में सफाई देने आ गए। उन्होंने कहा कि मेरे पास कोई ज्योतिषी नहीं है, जिसने मुझे यह बताया है। मैं एक घर आवंटित होने का इंतजार कर रहा हूं इसलिए मैं रोजाना काम करने के लिए इतनी लंबी दूरी तय करता हूं।