आगामी रणनीति पर चर्चा के लिए बीजेपी की बैठक आज मिलिंद देवड़ा ने कहा- कांग्रेस-एनसीपी को दिया जाए सरकार बनाने का न्यौता कांग्रेस एनसीपी ने राज्य की बेहतरी के लिए काम किए
कई दिनों से लटका महाराष्ट्र में सरकार गठन का मामले में फिर नया पेंच आ गया है। अयोध्या मामले पर फैसले के बाद सरकार गठन का फैसला फिर गरमा गया है। रातों-रात महाराष्ट्र के नेताओं के सुर बदले हुए नजर आने लगे हैं। जबकि मामले का ज्यादा लटकना सभी राजनीतिक पार्टियों की बेचैनी भी बढ़ा रहा है। इसी बीच मामला सुलझता ना देखकर राज्यपाल ने बीजेपी से पूछा है कि क्या वे राज्य में सरकार बना सकती है? दूसरी ओर शिवसेना के भी सुर बदल गए हैं। शिवसेना ने राज्यपाल बीएस कोश्यारी की पहल का स्वागत किया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि कांग्रेस से उनके राजनीतिक मतभेद हैं, कोई दुश्मनी नहीं है।
वहीं, कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट करके कहा है कि महाराष्ट्र में राज्यपाल को कांग्रेस-एनसीपी को सरकार बनाने का न्यौता देना चाहिए। कांग्रेस और एनसीपी ने राज्य की बेहतरी के लिए काम किए हैं।
उधर, बीजेपी नई स्थिति के मद्देनजर आज बैठक करेगी, जिसमें अगली रणनीति पर अहम फैसला हो सकता है। गौर हो, चुनाव नतीजे आए दो हफ्तों से ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन महाराष्ट्र की कोई भी पार्टी या गठबंधन दल अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर पाया है। इसलिए राज्यपाल की ओर से ऑफर मिलने के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक होगी। पार्टी नेता चंद्रकांत पाटिल के हवाले से यह जानकारी दी जा रही है।
बता दें, शनिवार रात को महाराष्ट्र की 13वीं विधानसभा का कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन अगली सरकार को लेकर अभी तक रुख स्पष्ट नहीं है।
बीजेपी को मिला राज्यपाल का पत्र
महाराष्ट्र के बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल के अनुसार- 'हमें राज्यपाल की ओर से पत्र मिला है। हम रविवार को कोर कमेटी की बैठक करेंगे। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि- 'राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के निर्वाचित सदस्यों के नेता देवेंद्र फडणवीस से यह बताने को कहा कि क्या उनकी पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बनाने की इच्छुक और उसमें सक्षम है।'
राजभवन के बयान में कहा गया है कि- '21 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा के चुनाव कराए गए और 24 नवंबर को नतीजे भी घोषित हो गए। बावजूद इसके कोई पार्टी या गठबंधन दल सरकार बनाने के लिए अभी तक आगे नहीं आया है।
बीजेपी-शिवसेना में मतभेद
विस चुनाव में बीजेपी को 105 सीटें जीती हैं जबकि बहुमत का आंकड़ा 145 सीटों का है। सहयोगी पार्टी शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं, लेकिन मुख्यमंत्री पद को लेकर दोनों पार्टियों में मतभेद हैं।