
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भारतीय सेना को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दे गई हैं, जिसपर राज्यपाल सत्यपाल मलिक और मोदी सरकार में मंत्री जितेंद्र सिंह ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सत्यपाल मलिक ने कहा है कि महबूबा मुफ्ती का ये बयान चुनावी स्टंट हैं, वो इस तरह के बयान देकर ही सत्ता में वापस आईं थीं।
चुनाव की वजह से लोगों को खुश करने में लगी हैं महबूबा- जितेंद्र सिंह
गवर्नर के अलावा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी महबूबा के बयान को लेकर उनकी आलोचना की है। ये नेता आतंकियों के मारे जाने पर तुरंत इसकी निंदा करने पहुंच जाते हैं, लेकिन ड्यूटी पर शहीद होने वाले किसी जवान के लिए इनके मुंह से सहानूभूति का एक शब्द भी नहीं निकलता। जितेंद्र सिंह ने कहा कि कश्मीर के लोग इनके नकली चेहरे को पहचान चुके हैं और इसी कारण चुनाव को देखते हुए ऐसे नेता अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को खुश करने में लगे हैं।
मेजर रोहित शुक्ला पर महबूबा ने क्या कहा था?
आपको बता दें कि महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को भारतीय सेना सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर रोहित शुक्ला की आलोचना की थी। श्रीनगर के महराजा हरि सिंह अस्पताल में एक कार्यक्रम में बोलते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा था, 'मेजर शुक्ला ने तौसीब नाम के एक युवक को आर्मी कैंप में बुलाकर प्रताड़ित किया था, मेजर ने उस युवक की पिटाई की और उसपर दबाव बनाया कि वो हथियार के साथ फोटो क्लिक करवाए, ताकि उसे आतंकी घोषित किया जा सके। मेजर शुक्ला ने तौसीब को धमकी थी कि अगर वह बंदूक को गले में डालकर फोटो नहीं खिंचाता है तो वह अपनी बंदूक उसके गले में डालकर उसका एनकाउंटर कर देंगे।'
शौर्च चक्र से सम्मानित रह चुके हैं मेजर शुक्ला
महबूबा मुफ्ती ने जिस मेजर रोहित शुक्ला को लेकर ये बयान दिया है, भारत सरकार उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित कर चुकी है। मेजर शुक्ला पूर्व में कश्मीर घाटी में हुए बड़े ऑपरेशंस का हिस्सा रह चुके हैं और उन्होंने बीते साल हिज्बुल मुजाहिदीन के मोस्ट वॉन्टेड कमांडर समीर टाइगर को एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। इसके अलावा जिस तौसीब को लेकर महबूबा ने मेजर शुक्ला पर आरोप लगाए हैं, उससे पूर्व में सेना के शहीद राइफलमैन औरंगजेब की हत्या के मामले में पूछताछ की गई थी।