3 राज्यों में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी अब मिशन—2019 को लेकर कोई कोर कसर शेष नहीं छोड़ना चाहती।
नई दिल्ली। 3 राज्यों में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी अब मिशन-2019 को लेकर कोई कोर कसर शेष नहीं छोड़ना चाहती। यही कारण है कि मोदी सरकार जल्द ही किसानों के लिए राहत पैकेज की घोषणा कर सकती है। सूत्रों के अनुसार पैकेज के अतंर्गत अब सरकार किसान के खाते में ही सीधे 10 हजार रुपए भेजने पर विचार कर रही है। मोदी कैबिनेट आने वाले कुछ ही दिनों में इस पर बड़ा फैसला ले सकती है। आपको बता दें कि किसानों के खाते में आने वाली यह रकम धन बीज, उर्वरक और कृषि सामग्री खरीदने के लिए दी जाएगी।
राहत पैकेज का यह मॉडल ओडिशा सरकार का
दरअसल, किसानों को राहत पैकेज का यह मॉडल ओडिशा सरकार का है। लेकिन अब इसको पीएमओ भी गंभीरता से ले रहा है। यही कारण है कि इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने पर विचार किया जा रहा है। इसको लेकर वित्त और कृषि मंत्रालय लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। आपको बता दें कि इस मॉडल के अंतर्गत ओडिशा सरकार प्रत्येक किसान के बैंक खाते में हर साल 10,000 रुपये सरकार भेजती है। अकेले ओडिशा राज्य पर ही राहत पैकेज से करीब 1.4 लाख करोड़ का भार पड़ता है।
भूमि विहीन किसानों को भी किया जा सकता है शामिल
चर्चा तो यहां तक है कि सरकार की ओर से लागू की जाने वाली इस योजना में भूमि विहीन किसानों को भी शामिल किया जा सकता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार दरअसल, पीएमओ ब्रैंड न्यू रूरल पैकेज पर विचार कर रहा है। सरकार ने इसके लिए राज्य सरकारों और मंत्रालयों से आंकड़े मांगे हैं। इसके साथ ही सरकार तेलंगाना मॉडल पर भी विचार कर रही है। इस मॉडल के अनुसार किसानों को एक एकड़ पर 4000 रुपये छमाही राशि दी जाती है। इस तरह से एक साल में किसान के खाते में 8000 रुपए की रकम आ जाती है। एक सीनियर आॅफिसर की मानें तो सरकार के सामने इसके योजना के लिए 2 लाख करोड़ का बजट निर्धारित करना भी चुनौती है।