-शिक्षा मंत्रालय ने विदेशी टूल्स पर निर्भरता खत्म करते हुए अपनाया जोहो ऑफिस सुइट, -उच्च शिक्षा विभाग ने स्टाफ को निर्देश जारी कर कहा- अपने दस्तावेज, प्रजेंटेशन जोहो पर तैयार करें
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वदेशी अपील का असर अब मंत्रालयों में भी दिखने लगा है। माइक्रोसाफ्ट आदि प्लेटफॉर्म की जगह अब मंत्रालयों में स्वदेशी जोहो ऑफिस सुइट पर कार्य शुरू करने की तैयारी ही। इसी कड़ी में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग ने अफसरों और कर्मचारियों को जोहो प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में जोहो ऑफिस सुइट को नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर(एनआईसी) मेल प्लेटफॉर्म में एकीकृत कर दिया गया है। रेल, आईटी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सबसे पहले अपने कामकाज को स्वदेशी टूल्स पर करने की पहल की थी। उन्होंने कैबिनेट प्रेस ब्रीफिंग का प्रजेंटेशन भी जोहो प्लेटफॉर्म पर तैयार कराने की शुरुआत की और फिर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी स्वदेशी प्लेटफॉर्म अपनाने पर जोर दिया। अब शिक्षा मंत्रालय के सर्कुलर के बाद माना जा रहा है कि अन्य मंत्रालय भी इस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
शिक्षा मंत्रालय की पहल को डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सर्कुलर में मंत्रालय ने कहा है कि जोहो ऑफिस सुइट के प्रयोग से विदेशी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता कम होगी और भारत के घरेलू टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को मजबूत किया जा सकेगा। इस नाते दस्तावेज, स्प्रेडशीट और प्रेजेंटेशन जोहो पर ही तैयार करें। टीमवर्क व कम्युनिकेशन के लिए इसके सहयोगी टूल्स का उपयोग करें।
चूंकि इसे एनआईसी प्लेटफॉर्म में एकीकृत कर दिया गया है, इस नाते इसे इस्तेमाल करने के लिए अलग से इंस्टॉलेशन की जरूरत नहीं होगी। अफसरों के मुताबिक, स्वदेशी प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से डेटा सुरक्षा मजबूत होगी।