विधायक फिरदौस ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि बीजेपी और आरएसएस ने हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या की है।
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) के कार्यकर्ता की हत्या पर राजनीति जारी है। शनिवार को एनसी की विधायक शमीमा फिरदौस ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के दो कार्यकर्ताओं की हत्या में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) का हाथ है।
हत्यारों को गिरफ्तार कर पुलिस : फिरदौस
हब्बा कदाल सीट से विधायक फिरदौस ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि बीजेपी और आरएसएस ने हमारे कार्यकर्ताओं की हत्या की है। मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसी का राज्य में होने वाले नगरपालिका चुनाव से कुछ लेना-देना नहीं है, जबकि बीजेपी ने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। फिरदौस ने कहा कि राज्यपाल को निश्चित ही यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मेरे निर्दोष कार्यकर्ताओं के हत्यारे पकड़े जाएं। गौरतलब है कि मारे गए कार्यकर्ता फिरदौस के साथ उनके जनसंपर्क अधिकारी के रूप में काम करते थे।
नाम वापस ना लेने पर जान से मारने की धमकी
जम्मू कश्मीर में आतंकी संगठनों ने स्थानीय लोगों से चुनाव का बहिष्कार करने का फरनान सुनाया है। आतंकियों ने धमकी दी है कि नाम वापस न लेने वाले मरने के लिए तैयार रहें। इस धमकी के बाद चुनाव के लिए खड़े प्रत्याशियों में जान जाने का डर सता है, जिसके बाद एक-एक कर प्रत्याशी अपना नाम वापस ले रहे है। आतंकियों का इतना खौफ है कि कश्मीर में कई वार्डों में उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं। बीते एक सप्ताह के दौरान लगभग 12 लोगों ने अपने नाम वापस ले लिए है। पुलिस ने कहा था कि आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में शुक्रवार को, नेशनल कांफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई थी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया था।