राजनीति

गुजरात में वोटर्स को खूब भाया NOTA, 4 लाख से ज्यादा मतदाताओं ने दबाया बटन

गुजरात चुनाव में निर्दलीय और NOTA (इनमें से कोई नहीं) ने बड़ा उलटफेर किया है।
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Gujarat

नई दिल्ली। गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 के लिए काउंटिंग जारी है। रूझान बीजेपी के पक्ष में आते दिखाई दे रहे हैं। वहीं कांग्रेस को दोनों ही राज्यों में बड़ा झटका लगा है, जिसके बाद एक समय में देश की सबसे बड़ी पार्टी कही जाने वाले कांग्रेस सिमट कर केवल चार राज्यों तक ही रह गई है। काउंटिंग के दौरान जो नतीजे सामने आ रहे हैं, उससे साफ जाहिर हो रहा है कि गुजरात चुनाव में निर्दलीय और NOTA (इनमें से कोई नहीं) ने बड़ा उलटफेर किया है।

NOTA ने किया उलटफेर

चुनाव आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो गुजरात में निर्दलीय उम्मीदवारों को 4.1 प्रतिशत (988415) वोट पड़ा है। वहीं दूसरी ओर से NOTA को 1.8 प्रतिशत (445037) वोट मिले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि नोटा को पड़े वोट बहुजन समाज पार्टी और एनसीपी को पड़े वोट से अधिक है। राजनीति के जानकारों की मानें तो यदि निर्दलीय और नोटा पर पड़ने वाले वोट किसी तरह कांग्रेस की ओर खिसक जाते तो चुनावी नतीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता था। यदि दोनों पार्टियों को ही पड़े वोटों की बात करें तो अब तक बीजेपी को 49.2 प्रतिशत और कांग्रेस को 41.5 प्रतिशत वोट मिले हैं।

हिमाचल में 0.9 प्रतिशत वोट NOTA पर

दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में कुद 0.9 प्रतिशत वोट NOTA को मिले हैं। हालांकि यह आंकड़ा गुजरात के मुकाबले काफी कम है। वहीं यहां निर्दलीय उम्मीदवारों को 6.7 प्रतिशत वोट हासिल हुआ है। जबकि दोनों दलों बीजेपी और कांग्रेस को 48.5 प्रतिशत व 41.4 प्रतिशत वोट मिले हैं। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति ने ईवीएम से छेड़छाड़ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मीडिया में ईवीएम के बारे में उठाये गये सवालों के जवाब पहले ही दे दिया गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात में हर मतदान केंद्रों पर वीवीपीएटी की व्यवस्था की गई थी। जिससे मतदाता को ये देखने की इजाजत थी कि उन्होंने किसको वोट किया हैं।

Updated on:
18 Dec 2017 03:30 pm
Published on:
18 Dec 2017 02:27 pm
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