
Rajasthan Politics : कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत। फोटो - ANI
Ashok Gehlot : राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों के लिए पहली वोटिंग 9 अगस्त को होगी। इस मौके पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक गहलोत ने दावा किया कि भाजपा नगरीय निकाय चुनावों में बुरी तरह हार रही है। साथ ही अशोक गहलोत ने सीएम भजनलाल व भाजपा सरकार पर निशाना साधा। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखा कि गृह जिले भरतपुर समेत सभी जगहों पर मुख्यमंत्री के फ्लॉप रोड शो, पार्षद चुनावों में मंत्री और विधायकों द्वारा भाजपा का पार्षद न बनने पर वार्ड का विकास रोकने की धमकी, BJP के बागी उम्मीदवारों तक के प्रतिष्ठानों पर GST के छापे और उनके प्रतिष्ठानों को सील करना आदि दिखा रहे हैं कि भाजपा नगरीय निकाय चुनावों में बुरी तरह हार रही है।
अशोक गहलोत ने आगे लिखा कि आज तक सत्ताधारी दल के खिलाफ इतना माहौल कभी नहीं देखा गया। भाजपा के ढाई साल के कुशासन से अब जनता इतनी त्रस्त है कि 9 और 11 सितंबर को होने वाले चुनावों में भाजपा की एकतरफा हार सुनिश्चित करने के लिए, वोटिंग करने के लिए बड़ी संख्या में निकलेगी। निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार से आने वाले ढाई साल में भाजपा जनता की आवाज सुनकर काम करने के लिए मजबूर होगी।
राजस्थान में किसानों की दुर्दशा पर अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार में किसान की किस्मत में सिर्फ दो ही विकल्प बचे हैं, या तो एमएसपी पर खरीद ही नहीं होगी, या खरीद हो भी गई तो भुगतान का कोई पता नहीं। यही इस सरकार की असली सच्चाई है। उत्तर में हनुमानगढ़ से लेकर दक्षिण में झालावाड़ तक, पूरे राजस्थान के किसानों का यही हाल है। कहीं मंडियों में एमएसपी से कम दाम पर फसल बेचने की मजबूरी, तो कहीं महीनों बाद भी भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर।
2023 में कांग्रेस ने एमएसपी गारंटी कानून का वादा किया था ताकि किसान को उसका पूरा हक मिले, लेकिन भाजपा ने किसानों को बरगलाकर सत्ता हथिया ली और आज नतीजा पूरे प्रदेश में सामने है। भजनलाल जी, किसान का पैसा कब मिलेगा, यह सवाल पूरा राजस्थान पूछ रहा है।
गाय पर चिंता जताते हुए अशोक गहलोत कहा कि गाय के नाम पर सत्ता में आने वाली भाजपा एक्सपोज हो गई है। विज्ञापनों में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भले खुद को गौभक्त बताकर तस्वीरें खिंचवाएं, हकीकत यह है कि प्रदेश की 4523 गौशालाओं में बैठे 18 लाख गोवंश दस महीने से एक रुपया नहीं देखा। करीब 900 करोड़ का अनुदान फाइलों में दबा पड़ा है, जबकि संचालक कर्ज लेकर और भामाशाहों के भरोसे किसी तरह चारा जुटा रहे हैं।
अशोक गहलोत कहा कि सड़क पर भटकते बेसहारा गोवंश की तस्वीरें ही इस सरकार का असल रिपोर्ट कार्ड हैं। श्रद्धा दिखाने के लिए कैमरा चाहिए, लेकिन गौसेवा के लिए बजट देने में यही सरकार पीछे हट जाती है। भाजपा का यह दोगलापन जनता समझ चुकी है। अगर प्रदेश में स्थिति सूखे की बन गई तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं।
Updated on:
08 Sept 2026 03:34 pm
Published on:
08 Sept 2026 03:33 pm
