
Amer Tourist Guide Manish Soni Murder Protest PIC
जयपुर के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल आमेर में मंगलवार 8 सितंबर की सुबह उस वक्त तनाव हो गया, जब मामूली विवाद में हमले का शिकार हुए 40 वर्षीय टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही आमेर के मुख्य बाजार पूरी तरह बंद करवा दिए गए, पर्यटकों के लिए आमेर महल में हाथी सवारी रोक दी गई और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है।
घटना 7 सितंबर 2026 की सुबह करीब 9:30 बजे आमेर किले के पास स्थित मावठा सरोवर पर पर्यटकों की कार को ऊपर महल की तरफ ले जाने और रास्ता समझाने के दौरान शुरू हुई थी।
गाड़ी ले जाने को लेकर स्थानीय टूरिस्ट गाइड मनीष सोनी (40 वर्ष) और वहां जीप चलाने वाले ड्राइवर आजम के बीच तीखी बहस हो गई थी, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
विवाद बढ़ने पर आरोपी जीप ड्राइवर आजम ने अपने साथी नाजिश के साथ मिलकर गाइड मनीष सोनी पर जानलेवा वार कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
गंभीर हालत में मनीष सोनी को जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार 8 सितंबर 2026 की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
मनीष की मौत की खबर फैलते ही आमेर के स्थानीय व्यापारियों, गाइडों और निवासियों में भारी गुस्सा फैल गया और उन्होंने आमेर के मुख्य बाजार की सभी दुकानों को पूरी तरह बंद करा दिया।
आमेर किले में सुरक्षा और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया है और प्रसिद्ध हाथी सवारी (Elephant Ride) को पूरी तरह रोक दिया गया है।
आमेर मुख्य मार्ग पर स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के कारण पुलिस ने जयपुर से आमेर-दिल्ली रोड की तरफ जाने वाले ट्रैफिक को जलमहल रूट से ही डायवर्ट कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों ने पीड़ित परिवार के लिए ₹1 करोड़ का आर्थिक मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपी के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग रखी है।
जयपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जीप चालक आजम और उसके साथी को हिरासत में ले लिया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
सांप्रदायिक और प्रशासनिक रूप से मामला संवेदनशील होने के कारण डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर डटे हुए हैं, और पूरे आमेर इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
घटना के बाद उपजे तनाव को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट अलर्ट मोड पर है। आमेर महल और आसपास के मुख्य चौराहों पर पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटन व्यवसायियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
Updated on:
8 Sep 2026, 3:03 PM IST
Published on:
8 Sep 2026, 3:03 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.