
Thane Data Centre: महाराष्ट्र के ठाणे में प्रस्तावित 22 मंजिला डेटा सेंटर को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने इस परियोजना का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें डेटा सेंटर जैसी परियोजना से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि इसे शहर के बीच और रिहायशी इलाके में ही क्यों बनाया जा रहा है? बेहतर होगा कि इसे दरे गांव में एक शख्स के बड़े बंगले में बना दिया जाये।
बता दें कि दरे गांव महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे का पैतृक गांव है। यह गांव सातारा जिले के महाबलेश्वर तालुका में कोयना नदी और घने जंगलों के बीच स्थित है।
आदित्य ठाकरे ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठाणे को बेहतर बनाने और ठाणे को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को जनता को पहचानना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दो स्थानीय विधायक, एक सांसद और चार नगरसेवक इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, “इस परियोजना को ठाणे से बाहर करने और ठाणेकरों की आवाज बुलंद करने के लिए हम राजनीतिक भेदभाव छोड़कर नागरिकों के साथ लड़ने के लिए तैयार हैं। हमारी सरकार आने पर ठाणे के लिए खतरा बने इस प्रोजेक्ट को यहां से बाहर कर दिया जाएगा।”
महाराष्ट्र के पूर्व पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे के मुताबिक, यह डेटा सेंटर फेज-1 और फेज-2 को मिलाकर करीब 53 एकड़ क्षेत्र में बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर का विरोध नहीं है, लेकिन इसके लिए शहर के बाहर या उपयुक्त क्षेत्र का चयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि परियोजना शुरू होने के बाद आसपास के इलाकों में 24 घंटे करीब 90 डेसिबल तक शोर हो सकता है। उनका सवाल था कि लाखों रुपये खर्च करके फ्लैट खरीदने वाले लोग लगातार शोर और कंक्रीट से बढ़ने वाली गर्मी के बीच कैसे रहेंगे?
आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि डेटा सेंटर को ठंडा रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली एयर कंडीशनिंग व्यवस्था से निकलने वाली गर्म हवा आसपास के घरों और रिहायशी इलाकों को प्रभावित करेगी।
उन्होंने परियोजना में कूलिंग के लिए बड़ी मात्रा में पानी के इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया। आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि यहां 5 लाख लीटर डीजल का भंडारण भी किया जाएगा। उन्होंने परियोजना की सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े डेटा सेंटर के लिए भारी मात्रा में पानी और ऊर्जा की जरूरत होगी, जबकि स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले रोजगार अपेक्षाकृत कम होंगे। उनका आरोप है कि डेटा सेंटर में मौजूद डेटा का इस्तेमाल दूसरे देशों के लिए होगा, लेकिन इसके कारण होने वाली परेशानियों का सामना ठाणे के लोगों को करना पड़ेगा।
भाजपा नीत महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे, तब विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास पर जोर दिया गया था। लेकिन मौजूदा सरकार केवल ठेकेदार आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रही है। आदित्य ठाकरे ने स्पष्ट किया कि विकास जरूरी है, लेकिन ऐसा विकास नहीं होना चाहिए जिसकी कीमत स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा को चुकानी पड़े।
Updated on:
09 Sept 2026 08:48 am
Published on:
09 Sept 2026 08:33 am
