
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में जारी सियासी घमासान के बीच दिल्ली में विपक्षी दल एकजुट हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के घर पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद शरद पवार ने कहा कि बंगाल में जो हो रहा है उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। ममता बनर्जी जैसे हालात केजरीवाल के साथ भी हो चुका है।
चंद्रबाबू नायडू, फारूक अब्दुल्ला और केजरीवाल थे शामिल
बैठक में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला शामिल हुए। बैठक में पहली बार कांग्रेस की महासचिव और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी को भी शामिल होने की उम्मीद थी। गौरतलब है कि पिछले दिनों दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उप राज्यपाल के खिलाफ दिल्ली में एलजी हाउस पर धरने पर बैठे थे। जिसमें ममता बनर्जी, चंद्रबाबू नायडू समेत विपक्षी दलों के नेता उनसे मिलने आए थे।
राज्यपाल ने खुफिया रिपोर्ट गृह मंत्रालय को सौंपा
वहीं सोमवार को केन्द्र सरकार ने ममता सरकार से जवाब तलब करने की बात कही। केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से बातचीत की। जिसके बाद त्रिपाठी ने प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक को समन किया था और रिपोर्ट मांगी थी। इधर, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी ने खुफिया रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेज दिया है।
मोदी सरकार के खिलाफ ममता का धरना
बता दें कि सीबीआई बनाम पुलिस कमिश्नर विवाद को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार से धरने पर बैठी हुई हैं। ममता बनर्जी का कहना है कि उनका ये धरना मोदी सरकार के तनाशाही रवैये के खिलाफ है।बता दें कि शारदा घोटाला मामले में रविवार की शाम सीबीआई की टीम कोलकाता पुलिस कमिश्नर के घर पर पहुंची थी। जिसपर कोलकाता पुलिस ने सीबीआई टीम को रोक दिया और पांच अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि विवाद बढ़ते ही देर रात सीबीआई के पकड़े गए पांचों अधिकारियों को छोड़ दिया गया। वहीं ममता बनर्जी धरना पर बैठ गई।