पालघर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी के राजेंद्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वगाना को करीब 29,572 वोटों से मात दी है।
नई दिल्ली। देश के किसी भी राज्य में चुनाव और उपचुनावों में सत्ताधारी दल बीजेपी की जीत हमेशा विपक्ष के निशाने पर होती है। विपक्षी दल हर चुनाव में ईवीएम पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हैं लेकिन इसबार मामला बिल्कुल उल्टा है। पालघर उपचुनाव में करारी शिकस्त मिलने के बाद इसबार ईवीएम पर आरोप बीजेपी (एनडीए) की सहयोगी शिवसेना ने लगाए हैं।
ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप
महाराष्ट्र के पालघर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी और शिवसेना दोनों ने अपने प्रत्याशी खड़े किए। मतगणना के कई चरणों के बाद जब शिवसेना बीजेपी के मुकाबले भारी अतंर से पिछड़ने लगी तो ईवीएम पर आरोप लगने शुरू हो गए। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि चुनाव के दौरान वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ की गई थी। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से भी करीब छह हजार लोगों के नाम गायब थे।
बीजेपी को चुनाव आयोग का समर्थन: राउत
संजय राउत यहीं नहीं रूके उन्होंने चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वोटिंग के 12 घंटे बाद आयोग ने मतदान प्रतिशत में बदलाव किया, जो उसे शक के घेरे में लाता है। राउत ने कहा कि यहां बीजेपी नहीं जीती है बल्कि चुनाव आयोग उन्हें समर्थन दे रहा है। इस जीत का श्रेय चुनाव आयोग को मिलना चाहिए।
क्या है पालघर उपचुनाव के नतीजें
पालघर लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी के राजेंद्र गावित ने शिवसेना के श्रीनिवास वगाना को करीब 29,572 वोटों से मात दी है। यह सीट जनवरी में बीजेपी सांसद चिंतामन वनागा के निधन के बाद खाली हुआ था। शिवसेना ने इस सीट से वनागा के बेटे को ही अपने टिकट से मैदान में उतारा था।
2019 में अगल अगल होगी बीजेपी-शिवसेना की राह
बता दें कि पिछले कुछ समय से बीजेपी पर शिवसेना ने जबरदस्त तरीके से हमलावर है। वो केंद्र सरकार की नीतियों और पीएम मोदी का जमकर विरोध कर रही है। दोनों दलों में कड़वाहट इतनी बढ़ चुकी है कि शिवसेना ने 2019 में अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है।