प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi )ने कहा कि नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नागरिकता कानून से किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
नई दिल्ली। नागरिकता कानून को लेकर देशभर में मचे बवाल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हो रहे विरोध प्रदर्शन से मैं दुखी हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है कि नागरिकता कानून पर हिंसक प्रदर्शन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। नागरिकता कानून से किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। इससे किसी व्यक्ति या धर्म को नुकसान नहीं पहुंच रहा है।
लोकतंत्र में बहस चर्चा और असंतोष की जगह
पीएम मोदी ने लिखा कि लोकतंत्र में बहस, चर्चा और असंतोष संभव है, लेकिन सार्वजनिक प्रॉपर्टी को नुकसाना पहुंचाना और आम जीवन को प्रभावित करना लोकतंत्र का हिस्सा नहीं है।' उन्होंने कहा कि ये वक्त शांति बरतने और एकता दिखाने का है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि ऐसे वक्त में किसी भी तरह की अफवाह और झूठ पर ध्यान नहीं दे ।
दिल्ली के जामिया मिलिया विवि में विरोध प्रदर्शन
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ पूर्वोत्तर और बंगाल में हिंसा भड़की हुई है। हिंसक प्रदर्शन की आग रविवार को दिल्ली तक पहुंच गई है। दक्षिणी दिल्ली के जामिया मिलिया विवि में छात्रों का चल रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया। जामिया इलाके में तीन सरकारी बसों और वाहनों में आग लगा दी गई। हिंसा रोकने गए पुलिसकर्मियों पर छात्रों ने पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में कई छात्र घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
बंगाल और पूर्वोत्तर में कानून का विरोध
नागरिकता कानून को लेकर पश्चिम बंगाल में भी विरोध प्रदर्शन जारी है। राज्य में कई जगहों पर हिंसक प्रदर्शन की खबर आ रही है। साथ ही ट्रेनों और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वहीं पूर्वोत्तर में इसको लेकर भारी विरोध जारी है। पूर्वोत्तर के सभी राज्यों में इस कानून का भारी विरोध चल रहा है।
यूपी में भी कानून को लेकर भारी तनाव
उत्तर प्रदेश में भी इस कानून का विरोध किया जा रहा है। लखनऊ के नदवा कॉलेज में सोमवार को इस कानून के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने छात्रों पर पथराव किया। हालात को देखते हुए 5 जनवरी तक कॉलेज को बंद कर दिया गया है।