संसद के निचले सदन लोकसभा में शुक्रवार को हंगामे के बीच कार्यवाही हर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
नई दिल्ली। संसद के निचले सदन लोकसभा में शुक्रवार को हंगामे के बीच कार्यवाही हर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, उसके कुछ ही मिनटों बाद विभिन्न पार्टियों के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा हो गए। वहीं, राज्यसभा भी दोपहर 2:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। बता दें कि गुरुवार को भी संसद के निचले सदन लोकसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, उसके कुछ ही मिनटों बाद विभिन्न पार्टियों के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा हो गए
शपथ ग्रहण के बाद स्थगन
दरअसल, 11:00 बजे लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, जिसके बाद लोकसभा में सांसदों आरजेडी के सरफराज आलम, सपा के नगेंद्र प्रताप और सपा के प्रवीण निषाद को शपथ दिलाई गई। कुछ समय बाद राज्यसभा में पटल पर रखे गए दस्तावेज रखे। जिसके बाद दोपहर 12 बजे तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
गुरुवार को भी हुआ था हंगामा
बता दें कि गुरुवार को भी संसद के निचले सदन लोकसभा में हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई थी। सुबह जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, उसके कुछ ही मिनटों बाद विभिन्न पार्टियों के सदस्य लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इकट्ठा हो गए थे। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल का संचालन करना चाहा, इस हंगामे के बीच मथुरा से सांसद हेमामालिनी ने एक सवाल पूछा और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राम कृपाल यादव ने उसका जवाब देने की कोशिश की। हंगामे के बीच संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने भी उग्र सदस्यों से अपनी सीटों पर जाने का आग्रह किया था। अनंत कुमार का कहना था कि "हम बैंकिंग अनियमितता सहित किसी भी मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं। सदन में जारी हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई थी।