
दूसरे के घर में झाड़ू पौछा करने वाली कलिता माझी बनीं मंत्री (Photo-X)
Kalita Majhi Maid to Minister: पश्चिम बंगाल में सोमवार को शुभेन्दु सरकार की कैबिनेट का सोमवार को विस्तार हुआ। 35 नए मंत्रियों को राज्यपाल ने पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। इसी दौरान लोकतंत्र की ताकत को बयां करने वाली एक कहानी भी सामने आई है। दरअसल, कलिता माझी को शुभेन्दु सरकार में मंत्री बनाया गया है। कभी महज 4 हजार रुपये महीने में दूसरे को घरों में काम करने वाली कलिता अब राज्य सरकार में मंत्री बन गई हैं।
कलिता माझी पूर्व बर्धमान जिला के गुस्करा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-3 स्थित माझपुकुर पाड़ा की निवासी हैं। उनके परिवार में पति सुभ्रत माझी और एक बेटा है जिसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है। पति पेशे से दिहाड़ी मजदूर है।
कलिता माझी ने 2021 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित आउसग्राम सीट से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया था, लेकिन उन्हें इस चुनाव में TMC प्रत्याशी अबेदानंद थंडर से हार का सामना करना पड़ा। कलिता माझी को 88 हजार 577 वोट मिले थे।
विधानसभा चुनाव 2026 में कलिता माझी बीजेपी की बड़ी जीत के प्रमुख चेहरों में शामिल रहीं। पार्टी ने एक बार फिर कलिता पर आउसग्राम सीट से भरोसा जताया और यह दांव भी सफल रहा। कलिता ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उम्मीदवार श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। कलिता माझी को 1 लाख 7 हजार 692 वोट मिले थे।
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कलिता माझी ने पीएम मोदी और पार्टी आलाकमान का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता पिछड़े वर्गों का विकास, गांवों तक सड़क और स्वच्छ पेयजल की सुविधा पहुंचाना, युवाओं के लिए अवसर बढ़ाना और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना होगी।
कलिता ने बताया कि उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने प्रचार पर पूरा ध्यान देने के लिए एक महीने तक घरेलू काम से अवकाश लिया था। जिन परिवारों के यहां वह वर्षों तक काम करती रहीं, उन्होंने उनकी जीत पर खुशी जताई और आशीर्वाद दिया।
उन्होंने कहा कि घरेलू सहायिका के रूप में काम करने के दौरान उन्हें आम लोगों की समस्याओं और गरीबों की परेशानियों को करीब से समझने का मौका मिला। इसी अनुभव के आधार पर वह अपने क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना चाहती हैं। उनका लक्ष्य गांव के लोगों के लिए अस्पताल की व्यवस्था करना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए बर्धमान शहर तक न जाना पड़े।
Updated on:
02 Jun 2026 07:06 am
Published on:
02 Jun 2026 07:06 am
