राजनीति

मॉब लिंचिंग पर बोलेे राजनाथ, सबसे बड़ी लिंचिंग की घटना 1984 में हुई थी

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार पीट-पीटकर हत्या की घटनाओं को बहुत ही गंभीरता से ले रही है और 'अगर इन घटनाओं को रोकने के लिए जरूरत पड़ी तो' कानून लाया जाएगा।

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Jul 24, 2018
rajnath Singh launched the country's first smart fencing project

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार पीट-पीटकर हत्या की घटनाओं को बहुत ही गंभीरता से ले रही है और 'अगर इन घटनाओं को रोकने के लिए जरूरत पड़ी तो' कानून लाया जाएगा। राजस्थान के अलवर में एक मुस्लिम व्यक्ति को भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मारे जाने (मॉब लिचिंग) का मुद्दा विपक्ष द्वारा लोकसभा में उठाए जाने पर राजनाथ ने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम केवल चिंतित ही नहीं हैं, बल्कि घटनाओं को गंभीरता से ले रहे हैं।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने सोमवार को एक पैनल बनाया जो देश में भीड़ हिंसा रोकने के उपायों पर सुझाव देगा। उन्होंने कहा कि गृह सचिव के नेतृत्व वाला पैनल चार सप्ताह के भीतर मंत्रियों के समूह को अपनी सिफारिशें देगा। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो हम कानून लाएंगे। राजनाथ ने एक बार फिर कहा कि लिंचिंग की सबसे बड़ी घटना 1984 में हुई थी जब तत्कालीन प्रधानमंत्री की हत्या के बाद हजारों सिख मारे गए थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं।

वहीं, बीफ और मॉब लिंचिंग को लेकर आए संघ नेता इंद्रेश कुमार के बयान का शिया वक्फ बोर्ड ने समर्थन किया है। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने कहा है कि इंद्रेश कुमार की बात सच्चाई है। उनके इस बयान से किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। रिजवी ने कहा कि अगर गोहत्या रोकने को लेकर कोई कानून बनता है तो लिंचिंग जैसी घटनाओं में कमी देखने को मिलेगी। रिजवी ने कहा कि जिसे किसी समुदाय विशेष की माता का दर्जा मिला हुआ हो, तुम उसके ऐसे ही नहीं मार सकते।

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Published on:
24 Jul 2018 02:48 pm
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