आरएसएस नेता ने आरक्षण का किया समर्थन एनआरसी में व्‍याप्‍त खामियों को दूर करने की अपील की कांग्रेस ने एनआरसी का किया राजनीतिक इस्‍तेमाल
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के दिग्गज नेता दत्तात्रेय हसबोले ने मोदी सरकार के कामकाज को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आर्टिकल 370, 35ए को हटाने और NRC के मुद्दे पर सरकार की पीठ थपथपाई है।
आरएसएस के सह-सरकार्यवाह दत्तात्रेय हसबोले ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में पूरे जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा दिया। पूरा देश इससे खुश है। इससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
आरएसएस नेता दत्तात्रेय ने कहा कि अब भारत के इस भाग में विकास की जरूरत है। संघ समेत कई संगठन कई वर्षो से एक राष्ट्र, एक संविधान और एक झंडे की मांग कर रहे थे।
कांग्रेस ने किया राजनीतिक इस्तेमाल
इससे पहले केंद्र सरकार ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक पार्टियों ने अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। सरकार के इस बयान का समर्थन करते हुए संघ ने कहा कि पिछली सरकारें सत्ता में रहने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी।
खामियों को दूर करने की अपील
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ( RSS ) ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ( NRC ) पर भी सरकार का साथ दिया। लेकिन असम के मंत्री हिमंत बिस्व सरमा और बीजेपी के कई नेताओं द्वारा एनआरसी को लेकर उठाए गए सवालों को भी संध ने स्वीकार किया है।
दत्तात्रेय हसबोले ने कहा कि एनआरसी में कुछ खामियां भी हैं। संघ ने सरकार से इन मुद्दों को सही करने का भी आग्रह किया।
आरक्षण का किया समर्थन
आरएसएस नेता ने हालांकि आरक्षण पर अपने रुख पर कहा कि जबतक समाजिक असमानता मौजूद है। आरक्षण को जारी रहना चाहिए। हाल ही में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा था कि वह आरक्षण के पक्ष और विपक्ष में एक सूचित चर्चा का स्वागत करेंगे जिससे देश में आरक्षण को लेकर बहस छिड़ गई थी।