अगले 100 दिन में सरकार इन एजेंडों पर करेगी काम, आर्थिक मंदी बड़ी चुनौती

अगले 100 दिन में सरकार इन एजेंडों पर करेगी काम, आर्थिक मंदी बड़ी चुनौती

Dhirendra Kumar Mishra | Publish: Sep, 09 2019 03:02:04 PM (IST) | Updated: Sep, 09 2019 09:12:59 PM (IST) राजनीति

  • आर्थिक मंदी को दूर करना सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर
  • जम्‍मू-कश्‍मीर में शांति बहाली पर जोर
  • महत्‍वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से अमल

नई दिल्ली। मोदी सरकार 2.0 ने पहले सौ दिन का कार्यकाल पूरा करने के बाद आगामी 100 दिनों के लिए अपना एजेंडा सेट कर लिया है। बताया जा रहा है कि सभी मंत्रालयों के मंत्रियों और वरिष्‍ठ नौकरशाहों को आगामी लक्ष्‍य को लेकर स्‍पष्‍ट निर्देश भी दे दिए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने देश को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी एजेंट से तीव्र और प्रभावी कदम उठाने को कहा है। इसके साथ ही कई अन्‍य मुद्दों पर जोर देने को कहा है। आइए हम आपको बताते हैं सरकार की प्राथमिकता में शामिल प्रमुख मुद्दे:

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1. 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था

पीएम नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों, नौकरशाहों के साथ अलग-अलग मामलों के विशेषज्ञों को आगामी लक्ष्‍य को लेकर स्थिति स्‍पष्‍ट कर दी है। उन्‍होंने कहा कि देश को एक ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने में 55 साल लगे। सिर्फ पिछले पांच साल के शासन में ही अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गई।

पिछले पांच साल के दौरान अर्थव्यवस्था का आकार बढ़कर 2.7 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। अब भारत को 2024 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लिए प्रभावी तरीके से काम करने का निर्देश दिया है।

2. 2022 तक सबको आवास

प्रधानमंत्री ने वर्ष 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की है। इस योजना के शुरुआत 2015 में हुई थी। 2022 तक इसे हासिल करने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसका मकसद देश के सभी आवासहीन परिवारों को स्‍थायी आवास मुहैया कराना है।

इस लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए महानगरों से लेकर गांव तक की सभी एजेंसियों को सरकार ने तेजी से काम करने को कहा है। इस लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए सरकार ने बैंकों से सब्सिडी आधारित ऋण और अन्‍य सुविधाएं मुहैया कराने का निर्देश सरकारी एजेंसियों को दिया है।

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3. आर्थिक मंदी

भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार दूसरी तिमाही में सुस्ती के दौर से गुजर रही है। आर्थिक मंदी मोदी सरकार के लिए बड़ी चुनौती के रूप में उभरकर सामने आई है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष का रवैया हमलावर है। मोदी सरकार ने अर्थव्‍यवस्‍था को गति देने के काम में जुट गई है।
आरबीआई से करीब पौने दो लाख करोड़ रुपए इस मकसद से ही सरकार ने हासिल किए हैं।

साथ ही रोजगारपरक उद्यमों और विनिर्माण इकाईयों में तेजी लाने के लिए हर संभव सहायत का आश्‍वासन सरकारी और निजी कंपनियों को दिया है।

4. जम्‍मू कश्‍मीर में सामान्‍य स्थिति की बहाली

मोदी सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर में नागरिकता और विशेष दर्जा को लेकर विवादित आर्टिकल 370 और 35ए को संविधानिक संशोधन के जरिए मोदी सरकार ने कमजोर कर दिया है। राष्ट्रवाद की दिशा में उठाए गए इस कदम का देश की जनता ने खुले दिल से स्वागत किया है। अब सरकार की प्राथमिकता वहां पर सामान्‍य स्थिति बहाल करने पर है।

इसके लिए सरकार की सभी सुरक्षा एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है। सरकारी अधिकारियों को हर स्‍तर पर स्‍थानीय लोगों का सहयोग हासिल करने कहा गया है। बीडीसी का चुनाव, सांसद और विधानसभा सीटों का परिसीमन, विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि घाटी में देश के शेष भागों की तरह सामान्‍य स्थिति बहाल करना संभव हो सके।

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5. जल जीवन मिशन

मोदी सरकार 2.0 ने जल-जीवन मिशन के अंतर्गत 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को पेयजल की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए पहली बार अलग से जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है। इस मंत्रालय को 2024 तक सभी शहरी और ग्रामीण परिवारों पेयजल सुविधा मुहैया कराने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई है। नीतिगत मसौदा तैयार होने के बाद अधिकारियों को इस योजना को अमल में लाने के लिए कहा है।

6. भारत वंशियों का कल्याण

भारतीय पासपोर्ट रखने वाले अनिवासी भारतीयों ( NRI ) को भारत पहुंचने पर आधार कार्ड जारी किया जाएगा। इसके लिए 180 दिन इंतजार करने की अनिवार्यता समाप्त की जाएगी।

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7. बैंकिग और वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा

अनिवासी भारतीयों को भारतीय इक्विटीतक बाधामुक्त पहुंच प्रदान करने के लिए एनआरआई-पोर्टफोलियो निवेश कार्यक्रम का विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) कार्यक्रम में विलय कर दिया गया है।

साथ ही सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पुन: पूंजीकरण के लिए 70 हजार करोड़ रूपए का निवेश करेगी। आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए पैन कार्ड के स्थान पर आधार कार्ड का इस्तेमाल करने की छूट दी गई है।

8. शिक्षा और युवा

खिलाडि़यों के विकास के लिए खेलो इंडिया के अंतर्गत राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड (एनएसईबी) की स्थापना की जाएगी। भारत को उच्चतर शिक्षा का केंद्र बनाने के लिए सरकार ने भारत में अध्ययन नाम का कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव किया है।

इसके साथ ही देश के सभी विश्‍वविद्यालयों खेलो इंडिया को लेकर एक पाठ्यक्रम तैयार करने व उसे वेबसाइट पर डालने को कहा गया है। ताकि शिक्षा और खेल को एक-दूसरे का पूरक बन सके। देश के सभी नागरिक तन और मन दोनों स्‍तर पर स्‍वस्‍थ रह सकें।

9. चिकित्‍सा सेवा में सुधार

चिकित्सा सेवा में सुधार के लिए सबसे पहले चिकित्‍सा शिक्षा में सुधार पर जोर दिया गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक 2019 इसी मकसद से पास कराया गया है। सरकार के इस कदम से देश में चिकित्सा शिक्षा के संचालन में पारदर्शिता आएगी। साथ ही जवाबदेही और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।

एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि 2019-20 के शैक्षणिक सत्र में सरकारी कॉलेजों मेंमेडिकल सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। 25 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 2,750 सीटें बढ़ी हैं। सरकार ने 75 नए मेडिकल कॉलेज बनाने की भी घोषणा की है।

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