
नई दिल्ली। शिवसेना एमएलसी नीलम गोरहे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गृह राज्यमंत्री रंजीत पाटिल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने एक ज्ञापन के जरिए गृह मंत्री से महाराष्ट्र के कंजरभट समुदाय में सदियों से जारी वर्जिनिटी टेस्ट जैसी सामजिक बुराई को खत्म करने की मांग की है। बता दें कि महाराष्ट्र में कंजरभट समुदाय की नई दुल्हन को अपमानजनक वर्जिनिटी टेस्ट से गुजरना होता है। इस टेस्ट में महिलाओं को यह साबित करना होता है कि वो वर्जिन है।
सामाजिक कुरीति
शिवसेना एमएलसी नीलम गोरहे ने कहा कि यह सामाजिक बुराई सदियों से जारी है। कंजरभट समुदाय की नई दुल्हन को खुद को वर्जिन साबित करना होता है। उन्होंने बताया कि इसके खिलाफ समुदाय के कुछ युवाओं ने ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया है।
दंडनीय अपराध
गृह राज्य मंत्री रंजीत पाटिल ने सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद कहा कि वर्जिनिटी टेस्ट को यौन उत्पीड़न का एक रूप है। इसे एक दंडनीय अपराध घोषित किया जाएगा। आपको बता दें कि महराष्ट्र के कंजरभट समुदाय में दुल्हन की वर्जिनिटी टेस्ट की परंपरा है। अभी तक इस प्रथा का पालन लोग करते आए हैं। जबकि यह एक सामाजिक कुरीति है। यह परंपरा महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है। साथ ही समानता के अधिकारों के विरुद्ध है। इस परंपरा के तहत कंजरभट समुदाय में हर नवविवाहिता को यह साबित करना होता है कि वह शादी से पहले कुंवारी थी।