कांग्रेस सचिव शकील अहमद ने तेजस्वी यादव को देते हुए ऐसे बयानों से बचने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद करने वाले तेजस्वी यादव कौन होते हैं? उन्हें इस तरह के बचकाने बयान देने से परहेज करना चाहिए।
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कुमार की ओर से लालू यादव को फोन किए जाने के बाद से बिहार की सियासत में आई नई गर्माहट धमने का नाम नहीं ले रहा है। दरअसल नीतीश कुमार ने लालू यादव को फोन कर उनके तबीयत का हाल-चाल जाना था। जिसके बाद से सियासी बाजार में राजनीतिक गहमागहमी शुरू हो गई। इन सबके बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजों को बंद बता दिया था। अब तेजस्वी के इस बयान के बाद भले ही जद-यू में कोई हलचल न हुई हो लेकिन कांग्रेस के साथ विरोधाभास दिखने लगा है। तेजस्वी यादव ने अपने एक बयान में कहा था कि यदि नीतीश कुमार आगामी आम चुनाव के लिए महागठबंधन में फिर से आना चाहते हैं तो उनके लिए कोई जगह नहीं होगी, अब दरवाजा बंद हो चुका है।
महागठबंधन के दरवाजे बंद करने वाले तेजस्वी कौन होते हैं? : शकील अहमद
आपको बता दें कि तेजस्वी के इसी बयान को लेकर कांग्रेस सचिव शकील अहमद ने उन्हें नसीहत दी है कि ऐसे बयानों से बचें। शकील अहमद ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद करने वाले तेजस्वी यादव कौन होते हैं? उन्हें इस तरह के बचकाने बयान देने से परहेज करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति परिपक्वता के साथ की जाती है। अब शकील अहमद के बयान के बाद बिहार की सियासत में फिर से राजनीति शुरू हो गई है। शकील अहमद ने आगे कहा कि आगामी आम चुनाव में एनडीएस सरकार से निपटने के लिए राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी निभा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए जो भी उनके साथ आएगा सभी का स्वागत है। शकील अहमद ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास कर रहे हैं।
महागठबंधन में दिखने लगी है दरार!
आपको बता दें कि आगामी आम चुनाव का समय धीरे-धीरे नजदीक आ रहा है और सभी दल अपनी-अपनी तैयारियां जोरों-शोरों से कर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच भाजपा को रोकने के लिए बन रहा महागठबंधन में समय-समय अहम मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं। अब नीतीश कुमार को लेकर फिर से महागठबंधन में शामिल दलों के बीच मतभेद दिखने लगे हैं। जहां कांग्रेस सचिव शकील अहमद के बयान को बिहार कांग्रेस अध्यक्ष कौकब कादरी ने उनकी नीजी राय बताया है। कादरी ने कहा कि यह पार्टी की राय नहीं है। हालांकि कादरी ने भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि तेजस्वी यादव ने किस आधिकार से महागठबंधन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों दलों को संयम रखना चाहिए और ऐसे बयानों से पार्टी के नेताओं को बचना चाहिए।