Uttar Pradesh Assembly Election 2022 मेरठ मंडल के जिलों में इस समय विधानसभा चुनाव के दौरान थानों में सभी काम रूके हुए हैं। सभी प्रकार की कानूनी जांचें अटकी हुई है। इस समय सभी थानों का अधिकांश फोर्स चुनाव डयूटी में व्यस्त है। इसलिए थाने के भीतर कोई काम नहीं हो रहे हैं। यहां तक कि जो लाशें लावारिस रूप में मिली थीं उनका अंतिम संस्कार तो कर दिया गया लेकिन उनको अभी तक पहचान नहीं मिल पाई है।
Uttar Pradesh Assembly Election 2022 गत फरवरी माह से प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की प्रक्रिया जोरों पर है। आज मतदान का अंतिम चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इसके बाद चुनाव समाप्त हो जाएगा और फिर मतगणना की तैयारी होगी। मतगगणना आगामी 10 मार्च को होगी। उप्र विधानसभा चुनाव 2022 का सात चरणों में मतदान हुआ। मतदान के इन चरणों में पुलिस की डयूटी लगी। लिहाजा अन्य सभी कामों पर रोक सी लग गई। इनमें थानों में अपराधों की समीक्षा के अलावा जिलों में मिलने वाली लावारिश लाशों की शिनाख्त का काम भी शामिल हैं।
जिलों की मोर्चरी में रखी लावारिस लाशें पुलिस कर्मियों का इंतजार कर रही है। कब पुलिसकर्मी चुनावी डयूटी से वापस लौटकर आए और लावारिस लाश की शिनाख्त कर उनका क्रिया कर्म करवाए या फिर उनके परिजनेां केा सौंपे। जिससे मरने वालों की आत्मा को शांति मिल सके। फरवरी माह में मेरठ मंडल के जिलों में करीब 10 लाशें विभिन्न जिलों में अब तक मिल चुकी हैं। जिनकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी की। इन लाशों को मोर्चरी में रखवाया गया है। एक माह के भीतर मिले इन शवों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिसकर्मियों के चुनाव ड्यूटी में लगे होने से लाशों की शिनाख्त और उनकी पहचान का काम अधूरा पड़ा हुआ है। जिससे ये काम अब पूरी तरह से बाधित है।
इन लावारिस लाशों को भी 10 मार्च तक इंतजार करना होगा। उसके बाद ही इनको अपनों की पहचान मिल सकेगी। हालांकि लावारिस लाशों को अधिक समय तक रोका नहीं जाता है। इन लावारिस लाशों का मिलने के 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करा दिया जाता है। लेकिन मृतक कौन था, कहां से था, इन सब सवालों का जवाब खोजना बाकी रह जाता है। ये भी अब 10 मार्च के बाद ही पता चलेगा। जब जिलों के थानों में पुलिसकर्मियों की वापसी होगी और वे इन लावारिस लाशों के बारे में जांच पड़ताल कर पता करेंगे कि आखिर लाश कहां से आई और किसकी थी।