कुशवाहा के बयान से बिहार की राजनीति गरमा गई है।
नई दिल्ली। एक ओर देश में लोकसभा चुनाव की बिसात बिछ चुकी है। वहीं, दूसरी ओर एनडीए में लगातार घमासाना जारी है। एक बार फिर बिहार में भाजपा के दो सहयोगी दल आपस में भिड़ गए हैं। दरअसल, रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को अब सीएम की कुर्सी छोड़ देनी चाहिए।
कुशवाहा के बयान पर गरमाई बिहार की सियासत
एक इंटरव्यू के दौरान कुशवाहा ने कहा कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को सीएम का चेहरा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी बजाय किसी नए चेहरे को जगह मिलनी चाहिए। कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार ने पंद्रह साल तक बिहार की सत्ता संभाली, अब किसी और को भी काम करने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने यहां तक कहा कि नीतीश कुमार को अब बड़ी राजनीति करनी चाहिए और खुद ही सीएम का पद छोड़ देना चाहिए। कुशवाहा के इस बयान के बाद से बिहार की राजनीति गरमा गई है। कुशवाह के इस बयान पर जहां जदयू ने पलटवार किया है। वहीं, राजद और कांग्रेस ने कुशवाहा की बातों पर सहमति जताई है।
कुशवाहा के समर्थन में उतरी कांग्रेस और राजद
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार की जनता जब तक चाहेगी तब तक वही सीएम का चेहरा होंगे। ये सब बचकानी बाते हैं कि नीतीश कुमार को सीएम पद छोड़ देना चाहिए। किसी की इच्छा या अनिच्छा से वो सीएम नहीं बने हैं, जनता की पसंद की वजह से वो प्ंद्रह साल से सीएम हैं। वहीं, राजद नेता ने कहा कि नीतीश कुमार सत्ता के लिए किसी के पास जा सकते हैं किसी के साथ गठबंधन कर सकते हैं। जनता ने तो उन्हें पहले ही नकार दिया था तभी तो गठबंधन में जाने की जरुरत पड़ी। इधर, कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा का कहना है कि अब एनडीए में फूट तय है। उन्होंने कहा कि कुशवाहा ने सही कहा है और अब एनडीए में फूट तय है। आने वाले दिनों में लोजपा से भी ऐसे बयान आएंगे।