राजनीति

Maharashtra Politics: बैठक से पहले सुप्रिया शुले ने जारी किया वीडियो संदेश, बोली- 83 साल का योद्धा अकेले लड़ रहा

Maharashtra Politics: पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा की 83 साल का योद्धा अकेले लड़ रहा है। आप सभी लोग उनका समर्थन करें।
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Updated: 5 Jul 2023, 1:52 PM IST
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सुप्रिया सुले

पिछले दिनों से NCP में जारी उठापटक के बाद आज स्थिती कुछ साफ हो सकती है। पार्टी के दोनों गुटों ने आज बैठक बुलाई है। आज होने वाली बैठक से पहले शरद पवार की बेटी और सांसद सुप्रिया सुले ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। अपने जारी संदेश में सुप्रिया सुले ने पार्टी के विधायकों से भावनात्मक अपील की है। उन्होंने अपने नेताओं से कहा कि एक 83 वर्षीय योद्धा (शरद पवार) अकेले लड़ रहा है।

आप लोग उनका समर्थन करें। इसके साथ ही पार्टी के शरद गुट के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने वीडियो संदेश जारी कर सभी एनसीपी पदाधिकारियों और नेताओं से बैठक में शामिल होने के लिए कहा है। साथ ही शरद गुट के मुख्य सचेतक नियुक्त किए गए जितेंद्र आव्हाड ने भी व्हिप जारी किया।

ट्विटर के माध्यम से जारी किया वीडियो संदेश
पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने अपने ट्विटर हैंडल से एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा ,महाराष्ट्र की स्वाभिमानी जनता ने आदरणीय पवार साहब को सदैव बहुत प्यार किया है। और साहेब भी यहां के लोगों के दिल में रहते हैं। ये रिश्ता पहाड़ जैसा अटूट और मजबूत है। वर्तमान परिस्थिति में हमारी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को आगे की दिशा देने के लिए 83 वर्षीय युवा योद्धा यानी हमारे आदरणीय पवार साहब कल सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करने वाले हैं। विनम्र निवेदन है कि आप सभी बड़ी संख्या में इस बैठक में उपस्थित हों।

दोनों गुटों ने बुलाई बैठक
NCP में छिड़े घमासान के बाद आज दोनों गुटों ने अपने अपने समर्थक विधायकों, सांसदों की बैठक बुलाई है। दोनों गुट पार्टी को लेकर अपना-अपना दावा कर रहे है। शरद पवार और अजित पवार दोनों गुटों ने आज पार्टी के सभी विधायकों, सांसदों और अन्य पदाधिकारियों को उनके द्वारा बुलाई गई बैठकों में उपस्थित रहने के लिए कहा है। शरद गुट के मुख्य सचेतक नियुक्त किए गए जितेंद्र आव्हाड ने तो विधायकों को व्हिप भी जारी कर दिया है।

कानूनी मदद लेने की तैयारी कर रहे दोनों गुट
दोनों गुट अब पार्टी पर कब्जा करने के लिए आर-पार की कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए अजित पवार गुट को कम से कम 36 विधायकों की जरूरत है, जिसे लेकर दोनों गुट अधिक से अधिक पार्टी सदस्यों को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं।

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